केंद्रीय एजेंसियां बांग्लादेश से इंटरसेप्ट हुई एक कॉल की गंभीरता से विश्लेषण कर रही है। एजेंसियों का मानना है कि बांग्लादेश समेत दक्षिण एशिया के कुछ देशों में मौजूद आतंकी संगठन आपस में मिलकर आईएसआईएस को मदद करने की योजना पर काम कर रहे हैं।
इसके लिए 26 जनवरी परेड के खास मेहमान बन कर आ रहे फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के मौजूदगी में वारदात को देश में अंजाम देने का अच्छा मौका मान रहे हैं।
हालांकि सुरक्षा एजेंसियां परेड के दौरान दिल्ली में किसी भी वारदात को रोकने का दावा कर रही हैं। लेकिन एहतियात के तौर पर गृह मंत्रालय ने सभी एजेंसियों को अलर्ट जारी किया है।