ओलावृष्टि और बेमौसम बरसात की मार से तबाह किसानों को बीमा कंपनी ने 20 करोड़ रुपये का झटका दिया है। सहकारी समितियों की ओर से किसानों की फसल के बीमा की प्रीमियम धनराशि को बीमा कंपनी ने रिजेक्ट कर दिया है। इससे जिले के तबाह हुए किसानों को फसल के बीमा का एक धेला भी नहीं मिलेगा।
जिले में करीब डेढ़ लाख से ज्यादा किसान सहकारी समितियों से जुडे़ हैं। फसल संबंधी ऋण का लेनदेन भी उनके द्वारा समितियों के माध्यम से ही किया जाता है। इस बार रबी की फसल के लिए जिले में सहकारी समितियों ने दिसंबर 2014 तक 9,427 किसानों को फसली बीमा के लिए सहमत किया।
इन किसानों से 1693 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से बीमा राशि जुटा कर सहकारी बैंक ने 1.22 करोड़ रुपये की प्रीमियम धनराशि बीमा कंपनी को किसानों की लिस्ट के साथ भेज दी।
फसल का हाल बिगड़ते देख बीमा कंपनी ने सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों से जुटाई गई बीमा प्रीमियम राशि 1.22 करोड़ रुपये मार्च माह में लेने से ही इंकार कर दिया। इससे जिले के 9,427 किसान वर्तमान बर्बादी के दौर में फसली बीमा का लाभ पाने से वंचित हो गए हैं।