रॉबर्ट वाड्रा की संपत्ति की जांच करने का तत्कालीन महानिदेशक डॉ. अशोक खेमका का आदेश सही था या गलत इसकी जांच के लिए तीन सीनियर अफसरों की कमेटी हरियाणा सरकार ने गठित कर दी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव कृष्ण मोहन कमेटी का नेतृत्व करेंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव केके जालान और प्रधान सचिव राजन गुप्ता कमेटी के सदस्य बनाए गए हैं। इन दोनों अफसरों को भी जीरो टॉलरेंस वाला माना जाता है।
सिंचाई विभाग में रहते हुए जालान ने कई अफसरों के खिलाफ जांच की और अनुशासनात्मक कार्रवाई की। गुप्ता भी इसी श्रेणी में माने जाते हैं। मुख्य सचिव ने कमेटी के गठन का आदेश जारी कर कहा है कि चूंकि अशोक खेमका ने 12 अक्टूबर, 2012 को लिखे पत्र में एक इंतकाल पर मुद्दा उठाया है, और कुछ संपत्तियों की कम कीमत पर सवाल उठाया है।
अशोक खेमका ने 15 अक्टूबर को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा एक विशेष केस में लैटर आफ इंटेंट/लाइसेंस जारी करना भी स्वीकार किया है। जबकि गुड़गांव के उपायुक्त ने सरकार को लिखे पत्र में कुछ तथ्य सामने लाए हैं। इसलिए सही तथ्यों का पता लगाने और इस प्रक्रिया में कई अथॉरिटी के शामिल होने के कारण हरियाणा सरकार ने फैसला किया है कि एक कमेटी गठित की जाए, जिसमें तीन अफसर शामिल किए गए हैं। यह कमेटी अशोक खेमका के 12 अक्टूबर,को लिखे पत्र में उठाए मुद्दों की भी जांच करेगी। कमेटी एक महीने में मुख्य सचिव को अपनी रिपोर्ट देगी।