महंगाई डायन क्या कांग्रेस को चुनावों में मात देगी? सब्जियों और जरूरी चीजों के दामों को लेकर इस तरह का मंथन कांग्रेस के चुनावी वार रूम में लगातार चल रहा है।
पांच राज्यों से आ रही आंतरिक रिपोर्ट में भले ही पार्टी को छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से सकारात्मक परिणाम मिल रहा हो लेकर सभी राज्यों में महंगाई को लेकर लोगों के गुस्से की बात नेता और कार्यकर्ता हाईकमान तक पहुंचा रहे है।
पार्टी की कई रिपोर्टों में कहा गया है कि महंगाई का गुस्सा भले ही विधानसभा चुनाव में हावी स्थानीय मुद्दों के आगे हलका पड़े, लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में केंद्र की यूपीए सरकार के लिए यह मुश्किल का सबब बन सकता है।
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कांग्रेस के चुनावी मैनेजर मान रहे है कि महंगाई को लेकर गुस्सा सबसे ज्यादा दिल्ली में देखने और सुनने को मिल रहा है। प्याज, आलू, टमाटर समेत पेट्रोल और डीजल के दामों को लेकर लोगों में ज्यादा आक्रोश है। लोग इसके लिए सीधे कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
वहीं पार्टी के कई नेता मान रहे हैं कि राजस्थान में भी गहलोत सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी गुस्से के अलावा महंगाई और भ्रष्टाचार मुद्दा बन रहा है। मंत्रियों के भ्रष्टाचार और बलात्कार जैसे आरोप को लेकर सरकार की छवि खराब बनी है। ऊपर से महंगाई ने आग में घी डालने का काम किया है।
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पार्टी के एक राष्ट्रीय पदाधिकारी ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार को महंगाई पर काबू करने के लिए असलियत में कुछ करना पड़ेगा, नहीं किया तो खराब परिणाम भुगतने पड़ सकते है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता अनौपचारिक बातचीत में बता रहे है कि मोदी को ध्यान में रखकर लोग विधानसभा चुनाव में मतदान करने के हक में नहीं है। उनका कहना है कि उनके राज्यों में मोदी क्या करेगा, यहां तो भाजपा के दूसरे लोग है। मगर लोकसभा चुनाव में मोदी को चुनने की बात पार्टी की अंदरूनी रिपोर्टों में कही जा रही है।
उधर, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को लेकर पार्टी को सकारात्मक नतीजे मिल रहे हैं। इसके आधार पर कांग्रेस के नेता खुलकर दोनों राज्यों में जीतने का दावा ठोकने लगे हैं।
छत्तीसगढ़ के प्रभारी महासचिव बीके हरिप्रसाद कहते है कि छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में पार्टी का जीतना तय है। मगर दिल्ली और राजस्थान के बारे में वह कहते है कि वह वहां नहीं गए। इसलिए सटीक नहीं कह सकते। मगर पार्टी वहां भी जीत दर्ज कर रही है।
छत्तीसगढ़ में तो कांग्रेस कोषाध्यक्ष मोती लाल वोरा का नाम भी मुख्यमंत्री की दौड़ में कांग्रेस मुख्यालय में चर्चा में है। जबकि मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम पर चर्चा है, तो कई कमलनाथ का नाम भी आगे कर रहे हैं।
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