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शीना के जिंदा होने का यकीन दिलाना चाहती थी इंद्राणी

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इंद्राणी मुखर्जी अपनी बेटी शीना बोरा की कथित हत्या के लगभग एक साल के बाद भी यह चाहती थी कि उसके पति पीटर को यह विश्वास हो कि वह न तो शीना की मां है और न ही उसकी बहन। वह चाहती थी कि लोगों को यह लगे कि शीना जिंदा है। इस मामले में सीबीआई की ओर से दाखिल किए गए आरोपपत्र के अनुसार, यह सब इंद्राणी की ओर से पीटर मुखर्जी को शीना के ई-मेल अकाउंट से भेजे गए संदेश में कहा गया है।
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बृहस्पतिवार को दाखिल आरोपपत्र के अनुसार, एजेंसी के सूत्रों ने कहा शीना के मेल से कई लोगों को ई-मेल भेजे गए थे जिससे उन्हें यह विश्वास हो सके कि शीना जिंदा थी। पीटर मुखर्जी को 14 मार्च 2013 को भेजे संदेश में लिखा, ‘तुम्हें यह सुनने में भले ही अजीब लग सकता है लेकिन यह और सिर्फ यही वास्तविक सच है। इंद्राणी न तो मेरी मां है और न ही मेरी बहन, वह सिर्फ एक नेक इंसान है जो कई साल पहले हमारी जिंदगी में आई थी।’

हालांकि, इस संबंध में  इंद्राणी के पूर्व पति संजीव खन्ना के वकील ने आरोपपत्र नहीं देखने और पीटर मुखर्जी के वकील ने ई-मेल नहीं पढ़ने की जानकारी का हवाला देकर कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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राहुल ने सौंपे सीबीआई को दस्तावेज

वहीं पीटर मुखर्जी के बेटे राहुल मुखर्जी जिसे शीना बोरा हत्याकांड की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, ने सीबीआई को कई दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं जिन्हें कथित तौर पर शीना बोरा अपनी मां इंद्राणी मुखर्जी को ब्लैकमेल करने के लिए कथित रूप से प्रयोग कर रही थी।

सीबीआई अधिकारियों ने कहा राहुल ने सीबीआई कार्यालय पहुंचकर शीना से जुड़े दस्तावेज सौंपे। सूत्रों ने कहा, जांचकर्ताओं के अनुसार शीना इंद्राणी को इस बात के लिए ब्लैकमेल कर रही थी कि यदि उसने (इंद्राणी ने) उसे शहर में थ्री बीएचके फ्लैट नहीं दिया तो वह लोगों के सामने यह खुलासा कर देगी की वह इंद्राणी की बहन नहीं, बेटी है।
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