फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'राजनीति में आते सिंहल तो मोदी की जगह पीएम होते'

विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व सांसद और राम जन्म भूमि न्यास के सदस्य डॉ. राम विलास वेदांती का कहना है कि विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक अशोक सिंहल अगर सक्रिय राजनीति में पहले आ गए तो निश्चित ही मोदी की जगह देश के पीएम वे ही बनते।
विज्ञापन


अशोक सिंहल की अस्थि कलश यात्रा में शामिल होने के लिए रविवार को इलाहाबाद पहुंचे डॉ. वेदांती ने कहा कि अशोक सिंहल ने कभी भी राजनीति में आने की इच्छा जाहिर नहीं की। वे राजनीति में आना भी नहीं चाहते थे।

इस साल जून माह में उन्होंने कहा था कि लगता है कि अयोध्या में मै अपने जीते जी राममंदिर का निर्माण होता हुआ नहीं देख सकूंगा।
विज्ञापन

'राम मंदिर बने यही अंतिम इच्छा जताई थी सिंहल ने'

डॉ. वेदांती ने अशोक सिंहल से जुड़े कई पुराने संस्मरण भी साझा किये। कहा कि अयोध्या में पांच दिसंबर 1992 की शाम सात बजे हुई बैठक की तस्वीरें अब भी मुझे याद हैं। तब बैठक में छह दिसंबर को विवादित ढांचा गिराने को लेकर कुछ लोग सहमत नहीं थे, लेकिन वे सिंहल ही थे, जिन्होंने कारसेवकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अगर यह काम छह दिसंबर को नहीं हुआ तो वह कभी भी नहीं हो पाएगा। अंत में कारसेवकों ने विवादित ढांचा गिरा दिया।

डॉ. वेदांती ने बताया कि 2013 में हरिद्वार में विहिप के केंद्रीय मार्ग दर्शन की बैठक में सिंहल ने कहा था कि यदि हमारी (भाजपा) सरकार बनती है तो कानून बनाकर रामलला का अयोध्या में भव्य मंदिर बनवाएंगे। सिंहल की इच्छा पूर्ति के लिए कार्यकर्ता 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में पूरी तन्मयता से जुट गए और केंद्र में मोदी सरकार बनवा दी। 15 जून 2015 को अशोक सिंहल ने ने एक बार फिर से राममंदिर बनवाने का संकल्प दोहराया। तब उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि राम मंदिर बनाने से पहले भारत को हिंदू राष्ट्र बनवाना होगा। अयोध्या में राम मंदिर बने यही मेरी अंतिम इच्छा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें