पाकिस्तान की बढ़ती परमाणु शक्ति ने 1980 के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के माथे पर बल ला दिया था। पाक को इससे रोकने के लिए इंदिरा ने वहां के परमाणु संयंत्रों को नष्ट करने के लिए सैन्य कार्रवाई करने का भी मन बना लिया था।
हालांकि उन्होंने ऐसा करने की बजाय पहले पाक की गतिविधियों पर नजर रखना बेहतर समझा। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है।
‘पाक में परमाणु विकास को लेकर भारत की प्रतिक्रिया’ नाम की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इंदिरा गांधी सरकार पाक के परमाणु हथियारों को बनाने के लिए किए जा रहे परमाणु कार्यक्रमों से चिंतित थी। इसी समय अमेरिका द्वारा पाक को एफ-16 लड़ाकू विमान भी दिए जाने थे। जिससे उनकी चिंता और भी बढ़ गई थी।