गरीब ग्रामीणों के घर का सपना अब शौचालय बनाने पर ही साकार हो सकेगा। स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार ने यह बदलाव किए हैं। इसके तहत इंदिरा आवास योजना का पैसा लाभार्थी को तभी दिया जाएगा जब वह घर पर ही शौचालय बनाएगा।
हालांकि इसके लिए लाभार्थी को इंदिरा आवास योजना के साथ शौचालय बनाने की राशि भी मिलेगी। चूंकि इस वर्ष से सरकार ने दोनों ही योजनाओं की राशि में बढ़ोत्तरी कर दी है। इससे लाभार्थी को घर बनाने पर सरकार की ओर से लगभग 85,000 रुपये मिलेंगे।
ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के मुताबिक खुले में शौच पर पाबंदी लगाने के लिए सरकार संपूर्ण स्वच्छता अभियान चला रही है। इसके तहत घरों व स्कूलों आदि में शौचालयों का निर्माण कराया जाता है। साथ ही गांवों में मल व्ययन एवं कचरा प्रबंधन भी किया जाता है। इस कार्यक्रम को आंशिक सफलता ही मिली है।
अस्वच्छता खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर चुनौती बनी हुई है। देश की कुल 2.50 लाख ग्राम पंचायतों में से महज 28,000 ही निर्मल ग्राम बन पाई हैं। इसीलिए सरकार ने अब घर में शौचालय बनाने की बाध्यता के लिए इसे इंदिरा आवास योजना से जोड़ दिया है।
रमेश के मुताबिक इंदिरा आवास के लिए लाभार्थी को 75,000 रुपये तभी मिलेंगे जब वह घर पर शौचालय का निर्माण करेगा। शौचालय के लिए उसे स्वच्छता अभियान के तहत 10,000 रुपये अलग से दिए जाएंगे। बारहवीं पंचवर्षीय योजना में इंदिरा आवास योजना और स्वच्छता अभियान के तहत घर पर शौचालय बनाने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी की गई है।
पहले इंदिरा आवास के लिए सरकार 45,000 रुपये देती थी। जिसे बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार शौचालय के दी जाने वाली 3200 रुपये की अनुदान राशि को भी बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है।