सऊदी अरब के मक्का में हुए हादसे में हर तरफ चीखपुकार थी। कोई अपने बुजुर्ग वालिद को तलाश रहा था तो कोई ढूंढ रहा था अपने बेटे को। ऐसे में कुछ भारतीय नौजवान मीना में मददगार बनकर सामने आए। भीड़ में फंसे लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले गए।
कइयों के सीने पर हथेलियों से पंप करके उनकी सांस वापस लौटाने की कोशिश होती रही। वाकई इस पवित्र स्थल पर अल्लाह ने ऐसी ताकत बख्शी कि बड़े बड़े वजन वाले हाजियों को गोद में उठाकर ले जा रहे थे छोटी छोटी उम्र के नौजवान।
घबराहट में भाग रहे लोगों को एक तरफ को रोका गया। भीड़ कंट्रोल की गई। अमर उजाला से बातचीत में हज पर गए अमरोहा निवासी यूपी के माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली ने भारतीय हाजियों के जज्बे का जमकर बखान किया।
महबूब अली ने बताया कि मैं बेटे परवेज अली और शाहनवाज के साथ हज पर आया हूं। यहां अब सब नार्मल लग रहा है। हिंदुस्तानी हाजियों ने हादसे में सब्र और एहतमाद से काम लिया।
ज्यादातर हिंदुस्तानी हाजी महफूज थे
हादसे में ज्यादातर हिंदुस्तानी हाजी महफूज थे। दूसरे मुल्कों के लोग शिकार ज्यादा हुए थे। चीख-पुकार सुनकर भारतीय हाजी फौरन इंसानियत का फर्ज निभाने में लगे गए। दर्द की कोई जुबान नहीं होती। फिर भी लोग मदद में जुट गए।
हादसे का शिकार हुए लोगों की भाषा-बोली समझ में नहीं आ रही थी। जिसको जो भी दिखा, जो सूझा मदद करने लगा। कोई गिरे लोगों को उठाने लगा। कोई आसबाब संभालने लगा। कोई घायलों की तीमारदारी करने लगा।
कोई घायलों को एंबुलेंस तक ले जाने में मदद करने लगा। सभी लोग इन्सानियत के जज्बे से लबरेज लग रहे थे। कई नौजवान तो बिल्कुल ट्रेंड योद्धा की तरह मदद में जुटे हुए थे।
यूपी के एक और मिनिस्टर शाहिद मंजूर साहब भी अपनी टोली के साथ आए हैं। उनसे भी बात हुई। वेस्ट यूपी के सभी लोग महफूज हैं। मेरी इंडियन एंबेसी में भी बात हुई। वे लोग पूरे हादसे पर नजर बनाए हुए थे।
भारतीय नौजवान तत्काल मदद को आगे आए
मुरादाबाद के रतनपुर कला निवासी हाजी मोहम्मद हुसैन ने बताया कि हुकूमत की तरफ से तो इंतजाम हो ही रहे थे लेकिन जो हमारे इंडिया के नौजवान वहां थे वह तत्काल मदद को आगे आए। क्योंकि बचाव कर्मियों की संख्या उतनी नहीं थी लिहाजा जिससे जो बना मदद में जुट गया।
जो बुजुर्ग हाजी भगदड़ में गिरकर घायल हो गए थे उन्हें भीड़ से निकालकर ले गए। शाहनवाज उर्फ शानू ने बताया कि आसपास के टेंट से भी लोग निकलकर आ गए थे। क्योंकि भगदड़ मची थी लिहाजा वहां व्यवस्था संभालने की जरूरत थी।
कइयों का सामान भी गिर गया था जिसे बाद में ढुंढवाया गया। पास में खड़ी एंबुलेंस तक लोगों को निकालकर ले गए थे। अस्पताल में जाकर भी उनका हाल जाना गया।
हादसे में भारतीय हाजियों ने बिना मुल्क, रंग देखे दूसरे हाजियों की मदद की । जिसको जो भी सूझा मदद में जुट गया। अल्लाह का शुक्र है कि एक लाख से ज्यादा भारतीय हाजियों में ज्यादातर महफूज हैं।
महबूब अली, माध्यमिक शिक्षा मंत्री यूपी (मीना से)