जल्द ही भारतीय छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए यूरोप घूमना काफी आसान हो जाएगा। यूरोपियन यूनियन (ईयू) इसके लिए नया कानून बनाने की तैयारी कर रहा है।
भारत में ईयू प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष एवं राजदूत एचई जोआओ कराविन्हो ने कहा कि हम यूरोप के लिए एक कानून बनाने पर विचार कर रहे हैं, जिससे हमें भारतीय छात्रों और शोधकर्ताओं का स्वागत करने में मदद मिलेगी।
राजधानी में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान काराविन्हो ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में हमें यूरोपियन यूनियन में भारत के छात्रों और शोधकर्ताओं का बेहद सुगम आगमन देखने को मिलेगा।
ईयू की भारतीय छात्रों में रुचि है और यूनिवर्सिटी के माध्यम से हम उनके लिए प्लेटफॉर्म तैयार करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप को खासतौर पर योग्यता की जरूरत है।
ईयू और भारत के बीच संबंध मजबूत होने की संभावना जताते हुए कराविन्हो ने कहा कि यूरोप की जनसंख्या लगातार घट रही है जबकि भारत की बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि भारत के पास शानदार महत्वाकांक्षी कौशल विकास कार्यक्रम है। हमारा विकास मूलत: उचित मजदूरों पर टिका हुआ है। इसलिए हम ऐसी योजना को तैयार करने के इच्छुक हैं, जिससे दोनों को फायदा हो।
उन्होंने कहा कि यूरोप और भारत के बीच काफी अच्छा सांस्कृतिक तालमेल है और दोनों के बीच बेहतर समझ हमें आगे बढ़ने में मदद करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि वीजा नियमों में भी छूट दी जाएगी।