सुप्रीम कोर्ट ने टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले में पूर्व कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया और अन्य के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया है।
अदालत ने राडिया की टेलीफोन पर अन्य लोगों के साथ हुई बातचीत के विश्लेषण के आधार पर जांच एजेंसी को छह मामलों की छानबीन करने को कहा है।
बृहस्पतिवार को दिए अपने इस आदेश में कोर्ट ने कहा कि राडिया की राजनीतिज्ञों, उद्योगपतियों और अन्य लोगों के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत के टेप से प्रथम दृष्टया निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए गलत तरीके अपनाने की बात सामने आ रही है। मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।
जस्टिस जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि राडिया की बातचीत के टेपों से प्रथम दृष्टया अपराध की बू आ रही है। इन टेपों में रिकॉर्ड बातचीत से उद्योगपतियों और सरकारी अधिकारियों के बीच साठगांठ की बात सामने आ रही है।
इससे स्पष्ट हो रहा है कि प्रभावशाली लोग अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर निजी क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के काम में पूरी तरह से लगे हुए थे। इसके साथ ही पीठ ने राडिया टेप से जुड़े छह मामलों की सीबीआई जांच का आदेश दिया।
पीठ ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उस कमेटी के विश्लेषण के आधार पर दिया है, जिसे राडिया की बातचीत के टेपों की सच्चाई का पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
कोर्ट ने जांच एजेंसी को दो महीने में अपनी छानबीन पूरी करने और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
बहरहाल, खंडपीठ ने अपने आदेश पढ़ते समय इस बात की जानकारी नहीं है दी कि सीबीआई को किन-किन मामलों की जांच का आदेश दिया गया है।
साथ ही पीठ ने तथाकथित तौर पर न्यायपालिका से संबंधित एक मामले को चीफ जस्टिस जबकि एक अन्य मामले को खदान विभाग के मुख्य सतर्कता अधिकारी को रेफर कर दिया है। इसके अलावा पीठ ने टेपों की जांच कर रही कमेटी को पूरी बातचीत की समीक्षा करने को कहा है।