प्रदूषण फैलाने के आरोप में ईरान ने कच्चा तेल ला रहे भारतीय जहाज को हिरासत में ले लिया है।
हालांकि भारत ने साफ किया है कि जहाज की ओर से किसी भी तरह के नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है। उसने वहां कोई तेल नहीं फैलाया है। इस बीच शुक्रवार को पोत की दूसरे दौर की जांच की।
ईरान ने भी सफाई देते हुए कहा है कि मामला राजनीतिक नहीं बल्कि तकनीकी है। दोनों देश अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जल्द से जल्द मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
भारतीय जहाज एमटी देशशांति ईराक से कच्चा तेल ला रहा था, उसी दौरान मंगलवार को ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने उसे हिरासत में ले लिया था।
जहाजरानी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘समुद्री अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय सर्वे करने वालों ने जहाज का निरीक्षण किया। जबकि यह जहाज महज नौ साल पुराना है, जिसे 2004 में बनाया गया था।
आरोप है कि 30 जुलाई को इसने प्रदूषण फैलाया था, लेकिन सच्चाई यह है कि उस दिन टैंकर कच्चा तेल लेकर जा ही नहीं रहा था।’ यह टैंकर भारत की सबसे समुद्री कंपनी शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एससीआई) का है।
तेहरान में भारत अपने दूतावास के जरिए जहाज को छुड़ाने के प्रयास कर रही है। इस बीच एससीआई के अधिकारी ने जानकारी दी कि जहाज के मास्टर से संपर्क होने पर उसने बताया कि वह बंदार अब्बास में हैं, लेकिन इससे ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी।
यह विवाद ऐसे समय पर उपजा है, जब भारत ने ईरान से कच्चे तेल का आयात कम कर दिया है। अमेरिका और यूरोपीय संघ के प्रतिबंध लगाने के बाद भारत ने ईरान से तेल का आयात कम दिया है।