भारतीय मूल के जर्मनी की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी के जाने माने नेता सेबेस्टियन एडेथी चाइल्ड पोर्नोग्राफी में बुरी तरह से फंस गए हैं। अब उन पर अश्लील साहित्य रखने और उसे संग्रह करने का मामला चलाया जाएगा।
जर्मनी के वर्डन स्थित एक क्षेत्रीय अदालत ने मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई के बाद कहा था कि एडेथी के मामले की जांच के बाद यह पुष्ट होता है कि उनके खिलाफ चाइल्ड पोर्नोग्राफी का मामला चलाए जाने के लिए पुख्ता और पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
जर्मन कोर्ट ने यह फैसला किया है कि उनके खिलाफ मामले की सुनवाई 23 फरवरी से शुरु होगी और अगर उन्हें इस मामले में दोषी पाया जाता है तो उन्हें दो साल की सजा या उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
एडेथी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से गृह मंत्रालय के प्रवक्ता रह चुके हैं। वो उस वक्त चर्चा में आ गए थे जब वो संसदीय जांच समिति के मुखिया बने थे। इस समिति ने नौ नस्लीय हत्याओं के मामले की जांच की थी। साल 2000 से 2007 के बीच हुई इन वारदातों के सीधे आरोप नियो नाजी गैंग पर लगाए गए थे।
साल 1998 में बर्न्डसटेग में आने के ठीक दो साल बाद ही वो एसपीडी के संसदीय समूह की प्रबंध समिति के सदस्य बने थे और वो साल 2003 से 2007 के बीच जर्मनी-भारत संसदीय समूह के चेयरमैन भी रहे थे।
एडेथी के मां-बाप पर भी लगे हैं आरोप
एडेथी का जन्म जर्मनी के हनोवर प्रांत में हुआ था। हैरानी की बात यह है कि उनके मां बाप पर भी इस तरह के आरोप लग चुके हैं। हनोवर राज्य के सरकारी वकील ने आरोप लगाया है कि एडेथी ने पिछले साल नवंबर में करीब सात बार चाइल्ड पोर्नोग्राफी के फोटो और वीडियो डाउनलोड किए थे।
हैरानी वाली बात यह है कि एडेथी ने जर्मन संसद के निचले सदन बर्न्डसटेग के आधिकारिक लैपटॉप के इस्तेमाल से ये सभी वीडियो और फोटो को डाउनलोड किया था।
एडेथी के मां-बाप पर भी इलस्ट्रेटेड बुक और चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित कुछ विवादित वीडियो रखने का आरोप लग चुका है। एडेथी के पिता केरल के मूल निवासी है जबकि उनकी मां एक जर्मन महिला हैं।
सरकारी वकील ने बताया कि इस मामले को देख रहे जांच दल ने बर्न्डसटेग के बड़े सर्वर में इकट्ठा किए गए मेटाडाटा को एडेथी के कंप्यूटर में मौजूद लिंक से मिलाने में सफलता हासिल की है।
एडेथी ने स्वीकारी वीडियो रखने की बात
एडेथी पर इस तरह के आरोप सबसे पहले फरवरी महीने में सामने आए थे और वो तब से ही बार-बार इस तरह के किसी भी आरोप को सिरे से खारिज करते आए हैं। लेकिन उन्होंने अब खुद स्वीकार किया है कि वो अपने लैपटॉप में न्यूड पिक्चर और चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित वीडियो रखते हैं, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास जो भी सामग्री है उसे जर्मन कानून के मुताबिक चाइल्ड पोर्नोग्राफी नहीं कहा जा सकता है।
जर्मनी में अहम पद पा सकते थे एडेथी
पिछले साल सितंबर में हुए चुनाव के बाद एसपीडी और एंजेला मार्केल द्वारा गठित नए क्रिस्टियन डेमोक्रेटिक गठबंधन के सर्वोच्च पद पाने वालों में एडेथी का नाम सबसे आगे चल रहा था। हालांकि एडेथी ने 7 फरवरी को अपने खिलाफ चाइल्ड पोर्नोग्राफी का मामला उछलने के बाद बर्न्डसटेग में अपनी सीट को छोड़ दिया था। एडेथी पर आरोप लगाया गया था कि वो चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में संलिप्त हैं।
अपने खिलाफ अदालत में मामला चलाए जाने पर एडेथी ने कहा कि वो 18 दिसंबर को बर्लिन में एक न्यूज कांफ्रेंस के जरिए अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। एडेथी ने यह जानकारी अपने फेसबुक पेज के जरिए शेयर की थी।
एडेथी पर इस तरह के आरोप लगने के बाद बर्न्डसटेग ने पिछले सप्ताह ही चाइल्ड पोर्नोग्राफी के संबंध के एक सख्त कानून पास किया है जिसमें यह प्रतिबंध लगाया गया है कि कमर्शियल परपज से बच्चों के नग्न फोटो और वीडियो का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।