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10 लाख के इनामी आतंकी ने मोदी पर किया ये खुलासा

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पिछले साल भाजपा की पटना रैली में ब्लास्ट करने वाले आतंकियों के निशाने पर नरेंद्र मोदी थे।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इन ब्लास्ट को अंजाम देने वाले चार आतंकियों को गिरफ्तार करने के बाद सिमी और इंडियन मुजाहिदीन की मोदी को नुकसान पहुंचाने की इस साजिश का खुलासा किया है।

रांची से गिरफ्तार किए गए इन आतंकियों में प्रतिबंधित संगठन सिमी का शातिर हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी के अलावा 16 साल का एक नाबालिग भी शामिल है।

दस लाख के इनामी का खुलासा

एनआईए का दावा है कि इन गिरफ्तारियों के बाद पटना और बोधगया धमाकों की गुत्थी पूरी तरह सुलझ गई है। महीनों से खुफिया एजेंसियों को चकमा दे रहे हैदर पर दस लाख का इनाम घोषित था।

एनआईए के महानिदेशक शरद कुमार ने बताया कि पटना ब्लास्ट मामले में अब तक 14 और बोधगया धमाके में आठ आतंकियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

कुमार के मुताबिक इन आतंकियों की पूछताछ में साफ हो गया है कि बोधगया धमाका म्यांमार में रोहिंगिया मुसलमानों पर हुए कथित अत्याचार का बदला लेने के लिए किया गया था। जबकि पटना ब्लास्ट का असल मकसद मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में दहशत फैलाना था।

रैली में फैलाना चाहते थे दहशत

एनआईए की पहली प्रेस कांफ्रेंस में कुमार ने बताया कि सिमी और आईएम ने मिलकर मोदी को निशाना बनाने की साजिश रची थी। लेकिन उनके चारों ओर की कड़ी सुरक्षा के चलने उन्होंने अपना इरादा बदल दिया और रैली में दहशत फैलाने का फैसला लिया।

एनआईए ने हैदराबाद के दिलसुखनगर ब्लास्ट की गुत्थी सुलझाने का भी दावा किया है, हालांकि इन आतंकियों की गिरफ्तारी से दिलसुखनगर ब्लास्ट का कोई लेना देना नहीं है। शरद कुमार ने बताया कि मंगलवार को रांची से हैदर और मोजिबुल्ला अंसारी को गिरफ्तार किया गया।

उनसे पूछताछ में उनके दो साथी नुमान अंसारी और एक नाबालिग लड़के का पता चला जो कि झारखंड के डाल्टनगंज में छुपे थे। मंगलवार शाम इन दोनों को भी गिरफ्तार कर सभी को देर रात दिल्ली लाया गया।
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ब्लैक ब्यूटी उर्फ हैदर का खुलासा

कुमार के मुताबिक 25 वर्षीय हैदर सिमी और आईएम के बीच कड़ी का काम करता था। आईएम के गिरफ्तार मास्टर माइंड यासीन भटकल और तहसीन अख्तर की पूछताछ से ही ब्लैक ब्यूटी के बारे में पहली बार मालूम चला था।

इससे पहले करीब छह महीने की मशक्कत के बाद मिले सुराग पर एनआईए की टीम हैदर को गिरफ्तार करने पहुंची तो वहां के कुछ लोगों ने अधिकारियों को रोकने की कोशिश की और गुस्से में पत्थरबाजी शुरू कर दी।
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