सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी की पटना रैली में सिलसिलेवार बम धमाकों की साजिश रचने वाला तहसीन अख्तर उनके हत्थे चढ़ गया है।
एटीएस सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि इंडियन मुजाहिदीन चीफ तहसीन अख्तर उर्फ मोनू पटना बम धमाकों का मास्टरमाइंड है। उसे एटीएस की टीम ने गिरफ्तार किया है।
तहसीन बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। पुलिस को बोधगया और पुणे ब्लास्ट में उसकी तलाश थी। पुलिस के मुताबिक तहसीन पाकिस्तान भागने की फिराक में था। भटकल की गिरफ्तारी के बाद एटीएस को यह दूसरी बड़ी सफलता मिली है।
पाकिस्तान ने भेजा है आतंकियों को
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने लोकसभा चुनाव के दौरान देश के 18 बड़े नेताओं पर हमले की आशंका जता कर सनसनी मचा दी है। एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान ने अपने स्लीपिंग मॉड्यूल के 32 आतंकियों को भारत के डेढ़ दर्जन बड़े नेताओं की हत्या के लिए भेजा है।
भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर हमले की साजिश नाकाम होने के बाद इस आशंका को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। पकड़े गए आतंकियों से इसका खुलासा होने की बात कही जा रही है।
वरिष्ठ नेताओं को सलाह दी गई है कि वे एक साथ चुनावी भ्रमण करने से बचें। उनकी सुरक्षा और बढ़ाने के लिए देशभर में खुफिया अलर्ट जारी हो गया है।
सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर चलेंगे नेताजी
एसपीजी की सुरक्षा नहीं मिलने के कारण अब नरेद्र मोदी को एडवांस सिक्योरिटी लायजनिंग (एएसएल) सिस्टम से सुरक्षा दी जाएगी, जिसमें मिलेट्री इंटेलीजेंस के साथ देश की दो दर्जन से अधिक सुरक्षा एजेंसियों को शामिल किया गया है।
लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए पूरे देश में घूमने वाले सभी बड़े नेताओं को सुरक्षा एजेसियों की सलाह मानने, सुरक्षा मानकों को पूरा कराने में मदद करने की सलाह दी गई है।
मसलन, नेता सुरक्षा घेरा न तोड़ें, सुरक्षा कर्मियों की बात मानें, भीड़ के दौरान जनता से सीधे मिलने से परहेज करें। बड़े नेता एक साथ न घूमें।
भाजपा में स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी, लाल कृष्ण आडवाणी, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, एक साथ प्रचार के लिए एक प्लेन का इस्तेमाल न करें। बड़े नेता एक साथ एक कार में कहीं भी आएं-जाएं नहीं।
पश्चिमी यूपी में टास्क फोर्स तैनात
कांग्रेस के स्टार प्रचारक सोनिया गांधी, राहुल व प्रियंका के लिए भी सुरक्षा एजेंसियों को सुनने की सलाह दी गई है। सपा प्रमुख मुलायम सिंह, यूपी के सीएम अखिलेश यादव को भी सावधानी बरतने का सुझाव दिया गया है।
पश्चिमी यूपी में पहले चरण में लोकसभा चुनाव का मतदान 10 अप्रैल को होना है। अलीगढ़ सहित 10 लोकसभा सीटों पर बड़े नेताओं की सभाएं 30 मार्च से सात अप्रैल के बीच होनी है।
आतंकियों के मंसूबों के मद्देनजर विभिन्न राजनीतिक दलों के 18 वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियों की सलाह पर अलग से टास्क फोर्स भी बनाया गया है जो पहली अप्रैल से पश्चिमी यूपी में डेरा डाल देगा।