देश के 15 करोड़ उर्दूभाषी लोग अब अपने कंप्यूटर और मोबाइल फोन में देश में ही विकसित उर्दू फोंट का इस्तेमाल कर सकेंगे।
इसके इस्तेमाल से पाकिस्तान में विकसित फोंट पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। सूचना तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग द्वारा विकसित यह फोंट आम लोगों के लिए निशुल्क उपलब्ध होगा।
दूरसंचार एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, ‘हम पिछले कई साल से इस संबंध में तकनीक की मदद से लोगों को उर्दू से जोड़ने की कोशिशें कर रहे थे। आखिरकार हम इसमें कामयाब रहे। उर्दू भाषा की जड़ें भारतीय संस्कृति में गहराई तक हैं। इंकलाब जिंदाबाद के नारे से हर कोई जुड़ा है।’
फोंट को दो वर्गों नस्ख और नस्तालिक के रूप में विकसित किया गया है।