अमेरिका में डिप्टी काउंसल जनरल देवयानी को लेकर इन दिनों बवाल मचा हुआ है। लेकिन इस कहानी की एक दिलचस्प कड़ी यह है कि उनकी गिरफ्तारी के पीछे जो वकील है, उसकी जड़ें भी भारत से जुड़ती हैं।
भारतीय मूल के अमेरिकी अटॉर्नी प्रीत भरारा ने देवयानी पर वीजा में धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए, जिसके बाद देवयानी को गिरफ्तार कर लिया गया।
यह संयोग ही है कि देवयानी को अब खुद को बेकसूर साबित करने के लिए भारतीय मूल के ही व्यक्ति का सामना करना पड़ेगा।
भरारा इससे पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मामलों में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ केस लड़ चुके हैं। अमेरिका में यह भी चर्चा है कि भरारा के निशाने पर ज्यादातर भारतीय मूल के लोग ही रहते हैं।
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भरारा ने पिछले माह नवंबर में ही स्टीवन कोहेंस की 'एसएसी कैपिटल एडवाइजर्स' फर्म पर 1.8 अरब डॉलर का जुर्माना लगवाया था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
इसके अलावा भरारा श्रीलंकाई मूल के राज राजारत्नम और मैकिंसे के पूर्व प्रबंध निदेशक रजत गुप्ता के खिलाफ भी सरकारी वकील के रूप में केस लड़ चुके हैं। भरारा ने वॉल स्ट्रीट में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़ा हुआ है।
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अमेरिका में नियुक्त भारतीय मूल के अन्य वकीलों के मुकाबले 45 वर्षीय भरारा अपने बड़े मामलों के कारण ज्यादा मशहूर हैं। अभी कुछ हफ्ते पहले ही भरारा ने एक मामले में 49 रूसी राजनयिकों को सजा दिलाई थी।
भरारा को 2010 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दक्षिणी जिले न्यूयॉर्क का अटॉर्नी चुना था। भरारा का कार्यकाल अगले साल खत्म हो रहा है।