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अफसरों की कमी से जूझ रही है भारतीय सेना

Mon, 10 Dec 2012 09:58 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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भारतीय सेना वर्तमान में अफसरों और जवानों की कमी से जूझ रही है। केंद्रीय रक्षा मंत्री एके एंटनी ने बताया कि सेना में करीब 13 हजार अफसर और 53 हजार 700 अधिकारी रैंक से नीचे के कर्मियों के पद खाली पड़े हुए हैं। लोकसभा में सोमवार को लिखित जवाब में एंटनी ने कहा कि दूसरे कैरियर विकल्प में ज्यादा पैसा और आसान स्थितियों के चलते युवा सेना में शामिल नहीं हो रहे हैं।
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उन्होंने कहा, ‘इसके कुछ मुख्य कारण हैं-सैन्य बलों की क्षमता में समय-समय पर वृद्धि करने की योजना, देश की विकसित होती अर्थव्यवस्था के चलते युवाओं के पास दूसरे कैरियर विकल्प और सेना में कड़ा चयन व मुश्किल परिस्थितियों में नौकरी करना, जिसमें जान का जोखिम बना रहता है।’ रक्षा मंत्री ने तीनों सेनाओं में रिक्त पदों की विस्तृत जानकारी भी दी।

उन्होंने बताया कि इस साल जुलाई तक सेना में 10,100 अफसरों के पद रिक्त थे जबकि सितंबर तक 32,431 पद अफसर रैंक से नीचे के कर्मियों के खाली पड़े थे। नौसेना में सितंबर तक 1,996 अफसरों की कमी थी और उन्हें 14,310 नाविकों की भी जरूरत है। वायु सेना में 962 अफसरों की कमी दर्ज की गई है जबकि दिसंबर तक 7000 एयरमैन भी कम हैं।
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युवाओं को सेना ज्वाइन करने के लिए प्रेरित करने के उपायों के बारे में एंटनी ने बताया कि इसके लिए भर्ती रैलियां आयोजित की गई और मीडिया अभियान चलाए गए। विभिन्न अकादमियों में पास होने वाले कैडेट की संख्या के बारे में उन्होंने कहा कि कुल 9,001 कैडेट वर्ष 2010 से लेकर अब तक विभिन्न अकादमियों से पास आउट हुए हैं।

समय से पहले रिटायरमेंट भी सेना के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने बताया कि अकेले इसी साल 10,800 सैन्यकर्मी रिटायरमेंट ले चुके हैं। सेना में 10,081 जवानों ने समय से पहले रिटायरमेंट ली जबकि नौसेना में 170 और वायुसेना में 571 लोगों ने जल्द रिटायरमेंट का फैसला लिया। पिछले साल 10,603 जवानों ने सेना छोड़ दी थी जबकि नौसेना के 157 और वायुसेना के एक हजार कर्मियों ने यह फैसला लिया था।
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