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भारत की चीन को दो टूक, सीमा पर अशांति से बिगड़ेंगे रिश्ते

Thu, 22 Aug 2013 12:54 AM IST
नई दिल्ली/बीजिंग/एजेंसी
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चीनी सेना की घुसपैठ की घटनाओं के बीच भारत ने बीजिंग को आगाह करते हुए कहा है कि सीमा पर शांति और सौहार्द में खलल पड़ने का असर द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है।
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बीजिंग में एक सेमीनार को संबोधित करते हुए चीन में भारतीय राजदूत एस जयशंकर ने जोर देकर कहा कि सीमा पर किसी भी तरह की गड़बड़ी का ‘लोगों की धारणा’ पर प्रतिकूल प्रभाव पडे़गा, जबकि यह द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए अहम है।

‘ओल्ड टाइज-न्यू मॉडल’ शीर्षक से आयोजित इस सेमीनार में उन्होंने कहा, ‘आज की तारीख में संघर्ष या टकराव पर असहज स्थिति पैदा हो सकती है।’ उन्होंने ऐसे में भारत और चीन के बीच विवादित सीमा पर शांति और सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया।
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नई दिल्ली के ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) और चाइना फॉरेन अफेयर्स कांफ्रेंस ने यहां बंद दरवाजों के पीछे 19 अगस्त को इस सेमीनार को आयोजित किया। इसमें दोनों पक्षों के रणनीतिक विश्लेषकों ने हिस्सा लिया था।

सेमीनार से मीडिया को दूर रखा गया था। हालांकि बुधवार को भारतीय राजदूत जयशंकर के भाषण की प्रतियां मीडिया में वितरित की गयीं।

भारतीय राजदूत ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रक्षा मंत्री एके एंटनी का वह बयान याद दिलाया जिसमें उन्होंने सीमा पर शांति के महत्व पर जोर दिया था।

इस साल अप्रैल में दौलत बेग ओल्डी इलाके से घुसपैठ कर टेंट गाड़ने वाले पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों की वापसी के लिए चीनियों के साथ गहन वार्ता करने वाले जयशंकर ने कहा कि इस बात की चिंता है कि यदि स्थिरता, शांति और सौहार्द में खलल डाला गया तो इससे हमारे संबंधों का पूरा माहौल बिगड़ सकता है।
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