जम्मू-कश्मीर के नौशेरा के लाम सेक्टर में बृहस्पतिवार को भारतीय सीमा में घुसपैठ करता मारा गया घुसपैठिया पाकिस्तानी सैनिक निकला। पाकिस्तान के आग्रह पर भारत ने शुक्रवार को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सैनिक मोहम्मद खालिद का शव लौटा दिया। मृतक मोहम्मद खालिद पाकिस्तानी सेना की 60 पंजाब रेजिमेंट का जवान था।
अमर उजाला ने शुक्रवार को प्रकाशित खबर में ही इस बात का खुलासा कर दिया था कि मारा गया शख्स पाकिस्तानी सेना का जवान था, जो बैट के एक्शन की तैयारी में आया था। पाकिस्तानी सेना द्वारा बैट (बॉर्डर एक्शन टीम) का गठन सीमांत इलाकों में भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों पर छिपकर हमले करने के लिए किया गया है।
बैट में पाक सेना, आतंकी संगठनों और आईएसआई के लोग शामिल हैं। शुक्रवार शाम को भारतीय सेना ने पाकिस्तानी जवान का शव सौंपने से पहले नौशेरा अस्पताल में कानूनी औपचारिकताएं पूरी की। इसके बाद शव को पिल्ला पोस्ट पर पाकिस्तान को सौंप दिया। घटना के बाद पाकिस्तानी सेना को ज्ञात हो गया था कि उसके जवान को भारतीय सेना ने मार गिराया है।
इसके बाद पाकिस्तानी डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन ने भारतीय डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन से संपर्क किया कि उनका एक जवान लापता है। इसके बाद निर्णय लिया गया कि पाकिस्तानी जवान का शव पाक को सौंपा जाएगा। शाम चार बजे पाकिस्तानी सेना के जवान का शव नौशेरा के लाम सेक्टर ले जाया गया, जहां पुलिस और सैन्य अधिकारियों ने उसे पाक के हवाले कर दिया।
बैट हमले की तैयारी, दो से अधिक थे हमलावर
पाकिस्तानी सेना के जवान के पास एक एके-47 और एक मैगजीन थी। माना जा रहा है कि उसे पाकिस्तानी सेना ने मर्जी से नहीं भेजा था। यदि ऐसा होता तो उसके पास अधिक मात्रा में गोला बारूद होते। मारे गए जवान की मंशा बैट एक्शन की ही थी। उसके साथ दो से अधिक संख्या में साथी थे।
सूत्रों की मानें तो इनकी संख्या चार से पांच थी और सभी लाम चौकी की घेराबंदी कर रहे थे। दो संदिग्धों को भारतीय जवानों ने देख लिया और इनमें से एक को मार गिराया। इसके चलते बैट की लाम पोस्ट की घेराबंदी करके हमले की योजना नाकाम हो गई।
जम्मू में सैन्य प्रवक्ता एसएन आचार्य का कहना है कि मारा गया जवान पाकिस्तान सेना का था। इस बात की पुष्टि हो गई है। फिलहाल बैट हमले की रिपोर्ट नहीं है। बैट ने पुंछ में पिछले महीने दो भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी थी।