इंटरनेट पर मौजूद संवेदनशील सामग्री को हटाने अथवा प्रतिबंधित करने की मांग रखने के मामले में भारत इस साल के पहले छह महीनों में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर रहा है। दुनिया की अग्रणी इंटरनेट सर्च कंपनी गूगल की तरफ से पारदर्शिता पर जारी छठीं रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में इंटरनेट पर कथित आपत्तिजनक सामग्रियों के संबंध में उसे वर्ष 2012 की पहली छमाही में विभिन्न सरकारों से करीब 20 हजार शिकायतें मिली। इनमें अमेरिका 7969 शिकायतों के साथ सबसे आगे रहा।
भारत के विभिन्न सरकारी एजेंसियों की तरफ से गूगल को इस अवधि में करीब 2300 शिकायतें की गईं। इस आंकडे ने भारत को इंटरनेट सामग्री पर आपत्ति दर्ज कराने में मामले में दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया है। गूगल ने कहा कि उसने इनमें से करीब 64 फीसदी शिकायतों का अपनी तरफ से निपटारा भी कर दिया।
गूगल के मुताबिक सबसे ज्यादा शिकायतें यूटूयूब, गूगल सर्च और ब्लागर सेक्शन पर मौजूद सामग्रियों के मामले में पाई गईं। गौरतलब है कि इंटरनेट पर मौजूद संवेदनशील सामगियों के चलते कई बार भारत में धार्मिक, जातीय तनाव की स्थिति पैदा हो चुकी है जिसकी वजह से इंटरनेट सामग्री को नियंत्रित करने की मांग भी उठी है।