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15 जनवरी को मिल सकते हैं भारत-पाक के विदेश सचिव

Sat, 26 Dec 2015 07:40 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अचानक पाकिस्तान जाने के बाद एक बार फिर दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। अब खबर है कि दोनों देशों के विदेश सचिव नए साल की शुरुआत में आपस में मिल सकते हैं।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिव 15 जनवरी को मिल सकते हैं।

भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के क्रिसमस के दिन अचानक पाकिस्तान की यात्रा के बाद रिश्तों में तेजी से बदलाव आने की संभावना है। मोदी ने शुक्रवार को अपने समकक्ष नवाज शरीफ से लाहौर में मुलाकात की थी।

हालांकि दोनों देशों के विदेश सचिव स्तर की बातचीत को लेकर अभी कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज से मिलने इस्लामाबाद का दौरा कर सकते हैं।
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यह मुलाकात दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर होगी। इस मुलाकात के बारे में इसी महीने की शुरुआत में भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पाक यात्रा के दौरान घोषणा की गई थी।

23 दिसंबर को दोनों देशों ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई थी कि अगले साल के मध्य में सचिव स्तर की बातचीत के लिए आपस में मिलेंगे। सूत्र के अनुसार, भारत ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है।
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मोदी के दौरे पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

पीएम मोदी के पाक दौरे पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस ने जहां इसे पहले से तय कार्यक्रम करार दिया है तो भाजपा ने इसका स्वागत किया है।

वहीं, संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अचानक पाकिस्तान जाने का स्वागत किया। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने इस पहल की तारीफ करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता से उनके आपसी रिश्तों में सुधार आएगा। अमेरिका ने कहा कि इससे दोनों देश अपने रिश्तों में सुधार ला सकेंगे, जो पूरे क्षेत्र में दोनों देश को फायदा पहुंचाएगी।

कहा जा रहा है कि पीएम मोदी के अफगानिस्तान जाने पर अंतिम मुहर लगने के बाद ही बीते हफ्ते पाक यात्रा पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ था। प्रधानमंत्री की रूस और अफगानिस्तान यात्रा का कार्यक्रम तय होने के बाद पाक यात्रा पर भी विचार किया गया था। इस दौरान शीर्ष स्तर पर दोनों देशों के बीच समग्र वार्ता पर सहमति बन जाने के बाद माहौल को खुशनुमा बनाने के लिए पीएम मोदी के पाकिस्तान जाने पर मुहर लगी।
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