भारत ने गुरुवार को सबसे भारी रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने अब तक के सबसे भारी रॉकेट जीएसएलवी-एमके 3 को आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया। रॉकेट को बनाने में 140 करोड़ की लागत आई है।
जीएसएलवी-एमके 3 में सी-25 इंजन लगाया गया है। इसकी ऊंचाई 43.43 मीटर है। यान के तीन स्तरों पर तीन तरह के ईंधन ठोस, द्रव और क्रायोजनिक का इस्तेमाल किया गया है। क्रू माड्यूल के निर्माण पर 15 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
इस सबसे भारी रॉकेट प्रक्षेपण के साथ ही इसरो इंसान को अंतरिक्ष में ले जाने वाले 3.65 टन वजनी क्रू माड्यूल का परीक्षण भी कर रहा है। इस माड्यूल को रॉकेट में लगाया गया था। इसे पैराशूट के जरिए बंगाल की खाड़ी में सफलतापूर्वक उतारा गया है।