बांग्लादेशियों के अवैध रूप से भारत में घुसने पर चिंता व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और असम सरकार को बांग्लादेश के साथ लगी सीमा पर पूर्ण बाड़बंदी और सघन पेट्रोलिंग करने का निर्देश दिया है, जिससे कि उसे पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।
अदालत ने कहा कि गैरकानूनी तरीके से भारत में आने वाले विदेशियों से राज्य की संस्कृति को खतरा है। न्यायमूर्ति रंजन गोगई और न्यायमूर्ति रोहिंगटन नरीमन की पीठ ने केंद्र सरकार को बांग्लादेश के साथ निर्वासन की प्रक्रिया पर बातचीत कर तीन महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।
अदालत ने पाया कि अवैध रूप से देश में घुस आने वाले लोगों के मामलों का निपटारा करने के लिए बनाए गए पंचाट की संख्या कम है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह गौर करने वाली बात है कि 1961 से 1965 के बीच करीब डेढ़ लाख लोगों को निर्वासित किया गया, लेकिन 1985 से लेकर अब तक सिर्फ 2000 लोगों का ही निर्वासन संभव हो सका है।