भारत प्रोफेशनल लोगों के लिए वीजा शुल्क में बढ़ोतरी के अमेरिकी कदम के खिलाफ जल्द ही विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) का दरवाजा खटखटाएगा। भारत वीजा शुल्क में बढ़ोतरी को भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियों के खिलाफ भेदभाव मानता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वाणिज्य मंत्रालय ने डब्ल्यूटीओ में अपने मामले को मजबूत करने के लिए संबंधित सूचनाओं की जानकारी और डॉटा को एकत्र करने का काम अप्रैल में ही शुरू कर दिया था। अधिकारी ने कहा कि अब हमने अपने मामले को अंतिम रूप दे दिया है। हम सारे सबूतों को एक साथ रख रहे हैं।
अमेरिकी वीजा शुल्क वृद्धि का कदम भारतीय आईटी कंपनियों के साथ भेदभावपूर्ण है। उम्मीद है कि हम अक्तूबर के अंत तक डब्ल्यूटीओ में औपचारिक रूप से अपनी शिकायत दर्ज करा देंगे। अमेरिका ने 2010 में बार्डर सिक्योरिटी एक्ट के तहत मैक्सिको से लगती अपनी सीमा को सुरक्षित बनाने के लिए फंड एकत्र करने के उद्देश्य से वीजा शुल्क में वृद्धि की थी। अमेरिका के इस कदम का भारत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय मंचों पर विरोध जता चुका है।