विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का कहना है कि भारत मूक-बधिर भारतीय लड़की गीता को कराची से वापिस लाने की आवश्यक प्रक्रिया को पूरा करने में जुटा है।
सुषमा ने ट्वीट कर कहा कि ‘हम गीता को भारत लाने की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं।’ विदेश मंत्री ने ट्विटर पर लिखा कि पिछले कुछ दिनों के दौरान पंजाब, बिहार, झारखंड और यूपी के परिवारों ने दावा किया है कि गीता उनकी बेटी है।
इसके बाद उन्होंने संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से इस दावे की पुष्टि करने को कहा है। उन्होंने ट्वीट में कहा कि गीता ने भारतीय उच्चायुक्त से इशारों के जरिए बताया कि उसके सात भाई-बहन हैं।
15 सालों से है पाकिस्तान
उसने यह भी कहा कि वह अपने पिता के साथ मंदिर गई थी। इसके बाद उसने ‘वैष्णो
देवी’ लिखा। इन विवरणों के आधार पर कृपया उसके परिवार को खोजने में मदद
करें।
सुषमा ने मंगलवार को भारतीय उच्चायुक्त टीसीए राघवन के कराची में ईधी
फाउंडेशन में गीता से मिलने के बाद घोषणा की थी कि सरकार गीता को भारत
वापस लाएगी। गीता दुर्घटनावश पाकिस्तानी क्षेत्र में पहुंचने के बाद पिछले
15 सालों से वहां रह रही है।
सुषमा ने भारतीय उच्चायुक्त को कराची जाकर
गीता से मिलने को कहा था। 2003 में 11 वर्षीय गीता को लाहौर में पाकिस्तानी
रेंजर्स ने सीमा पार करते हुए पकड़ा था। इसके बाद इस लड़की को पाकिस्तान
के सामाजिक संगठन ईधी फाउंडेशन को सौंप दिया गया था।
दंपति ने साधा विदेश मंत्रालय से संपर्क
गीता के माता पिता होने का दावा करने वाले यूपी के प्रतापगढ़ जिले के दंपति ने इस बाबत विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा है। जिले के डीएम अमृत त्रिपाठी ने बताया कि अनारा देवी नाम की महिला ने भारत से भटककर पाकिस्तान जाने वाली इस लड़की की मां होने का दावा किया है।
त्रिपाठी के मुताबिक, उनके आवेदन को विदेश मंत्रालय भेजा जा रहा है। इस दंपति ने अपने आवेदन में कुछ दस्तावेज भी संलग्न किए हैं। इसमें दावा किया गया है कि गीता उनकी बेटी है।
जिले के थम्मेहन गांव की रहने वाली अनारा देवी और उनके पति रामराज गौतम के मुताबिक, गीता दरअसल उनकी बेटी सविता है और वह वर्ष 2004 से लापता है।
अनारा देवी ने बताया कि वह सविता के अपने भाई के पास उस वक्त बिहार के छपरा जिले में छोड़ आई थीं और कुछ दिनों बाद सविता वहां से लापता हो गई थी।