पाकिस्तान से बातचीत की गाड़ी पटरी से उतरते उतरते संभल जरूर गई है, मगर भविष्य की राह इतनी भी आसान नहीं है। दरअसल भारत ने कूटनीतिक चतुराई दिखाते हुए विदेश सचिव स्तर की वार्ता को टाल कर पाकिस्तान को पठानकोट हमला मामले में कार्रवाई का वक्त दिया है।
वार्ता से पहले भारत इस हमले में शामिल लोगों के खिलाफ पाकिस्तान के भावी रुख को ठोक बजा कर देख लेना चाहता है। अगर निकट भविष्य में भारत के मन मुताबिक कार्रवाई नहीं हुई तो विदेश सचिव स्तर की वार्ता की तारीख और आगे बढ़ाई जा सकती है।
भारत दरअसल हमले में शामिल आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के मुखिया मौलाना मसूद अजहर पर हर हाल में शिकंजा कसना चाहता है। पाकिस्तान ने बुधवार को इस संगठन के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई तो की, मगर बाद में मसूद अजहर की हिरासत या गिरफ्तारी की सूचना गलत निकली।