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भविष्य में रोबोट सैनिक संभालेंगे जंग में मोर्चा

Mon, 10 Jun 2013 01:12 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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भविष्य में होने वाली जंग केवल मानव सैनिकों के दम पर नहीं लड़ी जा सकेगी। इसके लिए सैन्य उपकरण और तैयारियां भी उसी हिसाब से तेजी से उन्नत हो रही हैं।
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भविष्य में होने वाले युद्धों को दिमाग में रखते हुए और मानव रहित जंग से संबंधित क्षमता को बढ़ाने के तहत भारत रोबोट सैनिक विकसित करने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इसके साथ ही भारत ऐसा प्रयास करने वाले कुछ चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है।

डीआरडीओ द्वारा शुरू की गई इस प्रोजेक्ट के तहत तैयार किए जाने रोबोट की बुद्धिमत्ता क्षमता का स्तर काफी ज्यादा होगा, जिससे वे दोस्त और शत्रु की पहचान कर सकेंगे। इन रोबो को मुश्किल युद्ध क्षेत्रों जैसे नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तैनात किया जा सकता है। इससे मानव जानों की क्षति से बचा जा सकेगा।
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डीआरडीओ के नवनियुक्त प्रमुख अविनाश चंदर ने बताया कि हम रोबोट सैनिक तैयार करने पर काम कर रहे हैं। हम इन रोबो में काफी उच्च स्तर की बुद्धिमत्ता पर भी काम कर रहे हैं। यह नया कार्यक्रम है और कई लैब रोबोटिक्स पर पहले से ही बड़े पैमाने पर काम शुरू कर चुके हैं।

उन्होंने रोबोट सैनिक के विकास को प्राथमिकता वाला प्रोजेक्ट बताया। उन्होंने कहा कि जमीन और हवा में मानवरहित युद्ध कौशल भविष्य की जंग की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। शुरुआत में रोबोट सैनिक मनुष्यों की मदद करेंगे।

डीआरडीओ प्रमुख ने कहा कि प्रोजेक्ट के प्रारंभिक चरण में मानव सैनिक रोबोट सैनिकों को दुश्मन या प्रतिद्वंद्वी की पहचान कराएंगे लेकिन धीरे धीरे रोबोट सैनिक मोर्चे पर तैनात किए जाएंगे और मानव सैनिक उनकी मदद करेंगे।

चंदर ने कहा कि मानव जीवन को बचाने के लिए रोबोट सैनिकों की आवश्यकता महसूस की गई है। अभी तक उच्च विकिरण वाले क्षेत्रों, बम निष्क्रिय करने जैसे इलाकों में जहां इंसान जाना नहीं चाहता है, वहां पर रोबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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नियंत्रण रेखा पर तैनात किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह वक्त के साथ मुमकिन होगा लेकिन इसमें एक दशक लग सकते हैं।

रोबोट सैनिक मौजूदा रोबोट से एक अगला कदम है। इसमें कई उच्च तकनीक का समावेश होगा जिससे शत्रु की पहचान करने की क्षमता आएगी। इस दिशा में पांच से छह देश पहले से काम कर रहे हैं। वे अभी तक इसे पूरी तरह से विकसित नहीं कर सके हैं लेकिन वे फायदे की स्थिति में हैं। यह मेरी प्राथमिकताओं में से एक है।- अविनाश चंदर, डीआडीओ प्रमुख

क्या होगी खासियत
रोबोट सैनिकों में बुद्धिमत्ता स्तर काफी उच्च स्तरीय होगा। इससे ये दोस्त और शत्रुओं की आसानी से पहचान कर सकेंगे।

कहां होगी तैनाती
मुश्किल युद्ध क्षेत्रों जैसे नियंत्रण रेखा पर।

क्या होगा लाभ
युद्ध या सीमापार फायरिंग में जनहानि को रोका जा सकेगा।
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