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चीनी पनडुब्बियों पर हर पल रहेगी नजर, तैनात हुए एयरक्राफ्ट

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चीन की भारतीय सीमाओं पर बढ़ती धमक की खबरों के बीच भारत की ओर से बड़ा कदम उठाया गया है। खासकर भारतीय समुद्री सीमा से चीनी परमाणु पनडुब्बियों के अकसर गुजरने की खबरें सामने आने के बाद बड़ा फैसला लिया गया है।
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भारत की ओर से खास योजना के तहत लंबी दूरी की समुद्री पेट्रोलिंग एयरक्राफ्ट की तैनाती अंडमान-निकोबार द्वीप पर बने मिलिट्री बेस पर की गई है।

चीन की परमाणु पनडुब्बियों से मुकाबले के लिए भारत ने ऐसा किया है। एयरक्राफ्ट के साथ-साथ जासूसी ड्रोन की भी तैनाती की गई है।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया है कि भारत ने करीब दो हफ्ते पहले ही रणनीतिक रूप से अहम अंडमान निकोबार में अपने सबसे शक्तिशाली एयरक्राफ्ट पसाइडन-8I की तैनाती की है।

पसाइडन-8I से मजबूत होगी समुद्री सीमा

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भारतीय नेवी और एयरफोर्स ने इजरायल के हवाई सर्चर-II वाहनों की तैनाती अस्थायी तौर पर की है।

भारत ने 8 पसाइडन-8I एयरक्राफ्ट हाल ही में अपने नौसेना बेड़े में शामिल किए थे। 2.1 बिलियन डॉलर में इस एयरक्राफ्ट का सौदा अमेरिकी कंपनी बोइंग के साथ जनवरी 2009 में किया गया था।

शुरू में इन्हें तमिलनाडु के अराक्कोनम स्थित आईएनएस रजाली नेवल एयर स्टेशन में बेड़े में शामिल किया गया था। ये एयरक्राफ्ट दोधारी तलवार की तरह कार्य करते हैं। ये एंटी-सबमरीन और एंटी-सरफेस वारफेयर को अंजाम देने में सक्षम हैं।

इस एयरक्राफ्ट की खूबी पर गौर करें तो इसकी मारक क्षमता 1,200 नॉटिकल माइल है और अधिकतम रफ्तार 907 किमी प्रति घंटा है। यह रडार से लैस है, इसलिए खुफिया तौर पर किसी गंभीर स्थिति से निपटने में सक्षम है।
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आखिर अभी कितनी मजबूत हैं हमारी समुद्री सीमाएं?

पसाइडन-8I एयरक्राफ्ट, हारपून ब्लॉक-II मिसाइलों, एमके-54 लाइटवेट टॉरपेडोज और रॉकेटों से लैस है। ये दुश्मनों की पनडुब्बियों और युद्धपोतों को निशाना बनाने में पूरी तरह से सक्षम हैं।

इसकी तैनाती के बाद पोर्टब्लेयर स्थित नौसेना के एयर स्टेशन आईएनएस उत्क्रोश के जरिए पूरे क्षेत्र में नजर रखी जा सकती है।

हालांकि इन सबके बीच अंडमान निकोबार कमांड भारत का पहला और सबसे अहम पड़ाव है, जो मोदी सरकार की पहली प्राथमिकता के बाद भी नजरअंदाजी का शिकार बना रहा। यहां जल्द से जल्द जमीनी तैयारी करके भारत सरकार चीन पर रणनीतिक बढ़त बनाने में सफल हो सकता है।
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