जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर घात लगाकर किए गए पाकिस्तानी सेना के हमले में पांच भारतीय सैनिकों के शहीद होने की घटना पर संसद में शिवसेना ने कड़ा रुख अख्तियार किया है।
राज्यसभा में हो रही चर्चा के दौरान शिवसेना के संजय राउत ने कहा कि जब तक पांच के बदले पचास सैनिकों का सिर नहीं काटा जाएगा तब तक पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आएगा। राउत ने यूपीए सरकार को डरपोक करार देते हुए उस पर सेना के हाथ बांधने का भी आरोप लगाया।
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सैनिकों की हत्या पर राज्यसभा में अपने गुस्से का इजहार करते हुए राउत ने कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो इसलिए पाकिस्तान को करारा जवाब देना जरूरी है।
उन्होंने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि मुंबई में यह कहावत है कि अगर चर्बी अधिक चढ़ गई है तो उसे उतारनी पड़ेगी। यानी पाक के साथ भी सख्त रवैया अपनाने की जरूरत है।
तो दूसरी ओर केंद्र के कुछ मंत्रियों और नेताओं की ओर इशारा करते हुए कठोर शब्दों में यह भी कहा कि सरकार में कुछ लोग ऐसे बैठे हैं, जिन्हें भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली में होना चाहिए था। उन्हें वहीं पर चुनाव भी लड़ना चाहिए।
जुबानी वार के अलावा नहीं है और कोई हथियार
इध्ार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भले ही पाकिस्तानी सेना की करतूत को धोखा बताते हुए देश को इस मामले में एकजुट होने का आह्वान किया। मगर पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब देने के मामले में पार्टी और सरकार के पास जुबानी वार के अलावा और कोई हथियार नहीं है।
समूचे विपक्ष के वार के सामने यूपीए सरकार और कांग्रेस अकेले पड़ गई है। पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने के लिए उससे बातचीत के सभी दरवाजे बंद करने के सवाल पर चुप्पी साध ली गई है।
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मंगलवार को संसद से लेकर सड़क तक पाकिस्तान की ओर से भारतीय सेना की चौकी पर हमले का मामला गरमा गया। भाजपा, वामदलों और सपा, बसपा, सभी दल यूपीए सरकार के खिलाफ लामबंद हो गए।
पाकिस्तान के साथ हर तरह के रिश्ते खत्म करने की बात कही गई। मगर सरकार ही नहीं कांग्रेस भी इस मसले पर खुलकर बोलने से परहेज कर रही है।
भाजपा के वार को मोथरा करने के लिए उसे कारगिल युद्ध की याद दिलाई गई। कांग्रेस प्रवक्ता भक्त चरण दास ने कहा कि भाजपा को एनडीए के कार्यकाल के बारे में भूलना नहीं चाहिए। जब उनकी वजह से देश की विदेश नीति ताक पर रख दी गई थी।
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दास ने कहा कि राहुल गांधी ने भी इस मामले में रोष प्रकट करते हुए सरकार को हर संभव कदम उठाने के लिए कहा है।
पाक के साथ बातचीत बंद करने की भाजपा की मांग के जवाब में पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे सवालों का जवाब जल्दबाजी में नहीं दिया जाता। मीडिया भले ही तुरंत जवाब चाहता है। मगर पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों के मामले में जल्दबाजी नहीं दिखाई जाती।