सीमा पर दो जवानों की हत्या कर सिर साथ ले जाने की घटना से भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय रिश्तों में आई खटास खत्म करने की तैयारी शुरू हो गई है।
पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन के बाद नए नेतृत्व की विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की पेशकश भारत ने स्वीकार कर ली है। नए सिरे से वार्ता की जमीन तैयार कर रहे दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मुलाकात आगामी सितंबर महीने में न्यूयॉर्क में होगी।
इससे पहले दोनों देशों के बीच वुलर बैराज और सरक्रीक के मुद्दे पर सचिव स्तर की बातचीत के लिए सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है।
दोनों देशों के बीच बातचीत को नए सिरे से शुरू करने का फैसला चुनाव जीतने के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास विशेष दूत भेजने के बाद हुआ। नवाज के विशेष दूत शहरयार खान ने पांच जुलाई को मनमोहन से मुलाकात की थी।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक सितंबर महीने में संयुक्त राष्ट्र महासभा अधिवेशन में हिस्सा लेने के बाद दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मुलाकात और बातचीत पर सहमति बन चुकी है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने इस दौरे में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से भी मुलाकात करेंगे।
दोनों देशों के पीएम की मुलाकात से पहले वुलर बैराज और सरक्रीक मसले पर अलग-अलग तिथियों में सचिव स्तर की वार्ता होगी।
पाकिस्तान की तरफ से वुलर बैराज पर विद्युत एवं जल सचिवों की बैठक के लिए 27 और 28 अगस्त को वार्ता का प्रस्ताव आया है। इसी प्रकार सरक्रीक क्षेत्र में समुद्री सीमा संबंधी विवाद को सुलझाने के लिए विदेश सचिवों की वार्ता के लिए फिलहाल 16 और 17 सितंबर का समय तय किया गया है।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए भी इसी दौरान बातचीत हो सकती है। इसके तहत दोनों देशों के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल एक दूसरे के देश में दौरा कर सकते हैं।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इन कार्यक्रमों पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। इसकी घोषणा कभी भी की जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक सरक्रीक मसले पर बातचीत के दौरान दोनों देशों के विदेश सचिव कश्मीर, आतंकवाद और सुरक्षा के मसले पर भी वार्ता कर सकते हैं।
दरअसल नवाज शरीफ ने चुनाव जीतने के बाद अपनी ओर से बातचीत शुरू करने की पहल की थी। आश्चर्यजनक ढंग से नवाज ने इस दौरान न तो चुनाव प्रचार में कश्मीर का मुद्दा उठाया था और न ही उनके विशेष दूत शहरयार खान ने प्रधानमंत्री के साथ हुई मुलाकात में इस मुद्दे को छुआ।
दरअसल मुंबई पर वर्ष 2008 में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर प्रतिकूल असर पड़ा था। बीच में इस घटना को भुलाते हुए दोनों देशों के बीच नए सिरे से बातचीत शुरू हुई थी।
मगर इसी बीच सीमा पर पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा दो भारतीय सैनिकों का सिर काट कर ले जाने की घटना के बाद द्विपक्षीय बातचीत को बंद कर दिया गया था।