भारत-अमेरिका के बीच इन दिनों जारी तल्खी में एक नया मोड़ आया। केंद्र सरकार ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को लेकर अमेरिका की ओर से जताई गई आपत्तियों को खारिज कर दिया।
अमेरिका ने रविवार को मुंबई में मोदी की रैली को लेकर सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं जताई थीं, जिसके जवाब में भारत ने कहा कि सुरक्षा उसकी जिम्मेदारी है और कोई दूसरा यह तय नहीं कर सकता कि भारतीय राजनीतिक दल अपनी रैलियां कहां तय करेंगे।
भारत और अमेरिका देवयानी की वजह से पैदा हुए संकट को संभालने की कोशिश में जुटे हुए हैं। भारत का कहना है कि अमेरिका की किसी भी इकाई की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
लेकिन अमेरिका ने रैली से पहले चिंता जताई थी कि रैली में हिस्सा लेने वाले लोग उसके वाणिज्य दूतावास पर हमला बोल सकते हैं। एमएमआरडीएम ग्राउंड्स में मोदी की रैली हुई और वह बांद्रा इलाके में हैं, जहां अमेरिका का वाणिज्य दूतावास भी है।
इस दूतावास को कई चरणों वाली सुरक्षा मुहैया कराई गई है और रैली वाले दिन अतिरिक्त सुरक्षा का भी इंतजाम किया गया था। देवयानी के खिलाफ हुई अमेरिकी कार्रवाई के प्रति विरोध जताने के लिए भारत ने दिल्ली स्थित दूतावास के सामने से बैरिकेड हटा दिए थे।
सरकार का कहना है कि ये बैरिकेड इसलिए हटाए गए, क्योंकि यातायात में बाधा पैदा कर रहे थे और इसका सुरक्षा पर कोई असर नहीं होगा, क्योंकि भारत इस सिलसिले में वियना में हुई संधि का पूरा सम्मान करता है।