भारत और चीन ने द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आतंकी समूहों से जुड़ी खुफिया सूचनाएं सक्रिय तौर पर साझा करने पर सहमत हुए हैं। आतंकी सूचनाएं और उनकी गतिविधियां साझा करने के लिए दोनों देश एक समर्पित संचार चैनल इस्तेमाल करेंगे।
शीर्ष चीनी नेताओं और सुरक्षा अधिकारियों के साथ गृह मंत्री राजनाथ सिंह की चर्चा के बाद एक विस्तृत संयुक्त बयान जारी किया गया। इस बयान के अनुसार, दोनों देश अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से लड़ने के लिए आतंकी गतिविधियों, आतंकी समूहों और उनके संबंधों के बारे में सूचनाएं साझा करेंगे। चीन और भारत क्षेत्रीय और बहुपक्षीय स्तरों पर आतंक के खिलाफ एक दूसरे का समर्थन करने पर भी सहमत हुए हैं।
भारतीय अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के समर्थन से दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग मजबूत होंगे। गृह मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय अधिकारियों ने जहां उग्रवादी नेटवर्क पर दोनों देशों के सहयोग के नतीजों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी वहीं सूत्रों का कहना है कि चीन-भारत के सुरक्षा सहयोग में मजबूती से पूर्वोत्तर राज्यों के विभिन्न उग्रवादी समूहों पर नकेल कसने के लिहाज से यह सहयोग महत्वपूर्ण है।