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एयरलाइंस को लेकर भारत-पाक के बीच टकराव

Wed, 28 Jan 2015 11:32 AM IST
एमके वेणू / सुजय मेहदूदिया, अमर उजाला, दिल्ली
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जम्मू-कश्मीर में सीमा पर गोलीबारी के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही चल रहा टकराव अब एक नए मामले को लेकर और बढ़ सकता है। पाकिस्तान द्वारा दिल्ली-लाहौर बस को वाघा सीमा पार करने से रोकने के बाद भारत ने इशारों में पाकिस्तान एयरलाइंस को भारत में सेवा बंद करने की हिदायत दे दी है।
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पिछले दिनों रिजर्व बैंक ने पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) को देश में अवैध तरीके से संपत्ति खरीदने को लेकर नोटिस थमाया था। इसके बाद अब सरकार ने एयरलाइंस के भारत प्रमुख का वीजा रोकने के साथ उनका मोबाइल कनेक्शन भी काट दिया है।

पीआईए को आरबीआई की ओर से जारी नोटिस और अन्य कदमों से स्पष्ट है कि भारत सरकार देश में पीआईए की सेवा और दफ्तर बंद करवाना चाहती है। पीआईए वर्ष 1976 से दिल्ली-लाहौर और मुंबई-कराची के बीच साप्ताहिक उड़ान सेवा देती आ रही है। दोनों देशों की जनता के बीच संपर्क का यह एक प्रमुख जरिया है। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने पीआईए के उत्तरी और पूर्वी भारत के प्रबंधक सईद अहमद खान का वीजा नहीं बढ़ाया है।
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उनके वीजा की अवधि 7 जनवरी को खत्म हो गई। इतना ही नहीं, मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों ने उनका मोबाइल कनेक्शन भी काट दिया है। इससे पहले 24 नवंबर 2014 को आरबीआई ने पीआईए को एक नोटिस जारी कर एयरलाइंस की ओर से मई और जून 2005 में दिल्ली और मुंबई में खरीदी गई संपत्तियों को गैरकानूनी करार दिया था।

उसने पूछा है कि ये संपत्तियां आरबीआई की अनुमति के बगैर खरीदी गईं, ऐसे में गैरकानूनी लेनदेन को लेकर क्यों नहीं पीआईए के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पीआईए ने मुंबई में तीन मई 2005 को 608-611 नंबर की संपत्ति और कार पार्किंग की जगह, जबकि सात जून 2005 को दिल्ली के 23 बाराखंभा रोड के नारायण मंजिल में 519-520 नंबर की संपत्ति खरीदी थी।
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फेमा के नियमों के तहत खरीदी गई संप‌‌त्त‌ि

आरबीआई के नोटिस के जवाब में पीआईए ने दावा किया है कि ये दोनों संपत्तियां विदेशी विनिमय प्रबंधन (भारत में अचल संपत्ति अधिग्रहण और हस्तांतरण) नियमन 2000 के नियम 5 और पांच मई 2000 को आरबीआई द्वारा जारी फेमा के नियमों के तहत खरीदी गई हैं।

पीआईए ने आगे कहा है कि उसने इन संपत्तियों को खरीदे जाने की तारीख से 90 दिनों के भीतर 20 जून 2005 को फॉर्म आईपीआई में घोषणापत्र दाखिल कर दिया था।

घोषणापत्र के बारे में आरबीआई से जानकारी भी मिल गई थी। एयरलाइंस ने आगे कहा है कि सिटी बैंक की दिल्ली शाखा ने भी एक आईपीआई फॉर्म दाखिल कर दिया था, जिससे कि यह पुष्टि हो जाए कि सभी भुगतान बैंकिंग चैनल के जरिए हुए। इस आधार पर उसने आरबीआई से नोटिस वापस लेने और लेनदेन में कुछ भी गैरकानूनी नहीं होने की बात कही है।

उधर, पाकिस्तान सरकार के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है कि खान के वीजा की अवधि नहीं बढ़ाई गई है और उनका मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आरबीआई के नोटिस और अब पीआईए के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन से स्पष्ट है कि भारत सरकार चाहती है कि पीआईए भारत में अपनी सेवा समेट ले।
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