भारत सरकार एक तरफ दुनिया भर के पर्यटकों को भारत घूमने के लिए आमंत्रित करने के लिए इनक्रेडिबल इंडिया अभियान चला रही है वहीं दूसरी तरफ अपने यहां विदेशी पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार के बढ़ते मामलों से देश शर्मसार हो रहा है।
भारतीय अधिकारियों से विदेशों में अब सीधा सवाल पूछा जाने लगा है। केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले दिनों एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान जब एक विदेशी ट्रेवल एजेंट ने यह मसला उठा दिया तो भारतीय अधिकारी सकते में आ गए।
उन्होंने भारत के ही राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला दिया था। एनसीआरबी के हाल ही में जारी आंकड़ों के मुताबिक बीती अवधि में भारत में पर्यटकों के साथ बलात्कार (रेप) के 86 मामले दर्ज किए गए थे।
छेड़-छाड़ की श्रेणी में 129 मामले दर्ज किए गए थे। यही नहीं महिला पर्यटकों के साथ अपमानजनक तरीके से पेश आने के भी 8 मामले सामने आए थे।
उनके मुताबिक विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में भारत के प्रतिद्वंद्वी देश अब इन्हीं आंकड़ों को अपना हथियार बना रहे हैं और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। इसलिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय से इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा गया है।
महिला पर्यटकों की संख्या में गिरावट
गौरतलब है कि पिछले दिनों विभिन्न राज्यों के पर्यटन मंत्रियों के समक्ष केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महेश शर्मा ने भी इस मामले को उठाया था और उनसे अनुरोध किया था पर्यटकों के साथ कोई अनहोनी न हो, इसके लिए विशेष ध्यान दिया जाए।
वर्ष 2014 के दौरान डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड,स्वीडन, स्विटजरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, जापान और दक्षिण कोरिया समेत कई देशों से आने वाली महिला पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है।
फरवरी में ही जापानी पर्यटक के साथ उनके टूर गाइड ने ही बलात्कार किया था। इससे पहले कई देशों की महिला पर्यटकों के साथ ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। हालांकि केन्द्र सरकार ने हाल ही में इसके लिए उपायों की घोषणा की है लेकिन राज्य सरकारों की उदासीनता की वजह से इसमें सफलता नहीं मिल पाती है।
अधिकारियों के मुताबिक इस समय केरल, गोवा, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे कुछ राज्य ही पर्यटकों के लिए चिंतित हैं। शेष राज्य तो इसे सब चलता है के फार्मूले पर हैंडल कर रहे हैं।