शासन के विभिन्न क्षेत्रों में परिवर्तनकारी बदलावों के लिए शीर्ष नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष विचार रखे हैं। तो सरकार भी शासन के कामकाज में राज्यमंत्रियों की भूमिका बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इस प्रयास में महीने के हर बुधवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक होगी। इसकी शुरूआत जनवरी 27 से हो जाएगी।
सरकार के इस कदम को बिहार की सियासी हार के बाद भूल सुधार का प्रयास माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि बीते दिनों संघ परिवार ने भी सरकार की कार्यप्रणाली के बारे में पीएम को अवगत कराते हुए सुधार की बात कही थी।
तो बिहार के चुनावी नतीजों के बाद सरकार को भी इस बात का अहसास हुआ है कि पीएम मोदी ने जो काम किए हैं उसका प्रचार-प्रसार निचले स्तर पर नहीं हो पा रहा है। इसलिए सरकार का जोर अपनी योजनाओं के प्रचार प्रसार पर भी है।