भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी की कंपनी पूर्ति पावर एंड शुगर लिमिटेड से जुड़ी कंपनियों के कई निदेशक सुरक्षा गार्ड, मजदूर या ज्योतिषी हैं। आयकर विभाग ने मंगलवार को कई ठिकानों पर छापे मारे, जिसमें यह तथ्य सामने आया। सूत्रों का कहना है कि गडकरी से जुड़ी कंपनियों के बारे में जानकारी इकठ्ठा करने के लिए मुंबई में 12 जगहों के अलावा, पुणे, नागपुर और कोलकाता में भी छापे मारे गए। पूर्ति में जिन-जिन कंपनियों के निवेश की बात सामने आई थी, उनमें से अधिकांश के पते जांच के दौरान फर्जी निकले थे।
सूत्रों ने बताया कि मुंबई में अब तक उन 13 लोगों के बयान रिकॉर्ड किए गए हैं, जिनके नाम कंपनी के निदेशक के रूप में दर्ज हैं। सूत्रों ने कहा, ‘जिन लोगों को निदेशक बताया गया है, उनमें से कई सुरक्षा गार्ड, मजदूर या फिर ज्योतिषी हैं। कई लोगों ने दावा किया है कि उन्हें इस बात की जानकारी भी नहीं है कि उनके नाम निदेशक के रूप में इस्तेमाल हो रहे हैं।’
सूत्रों ने बताया कि ये कंपनियां 2000 से 3000 की पूंजी से शुरू की गई थीं, लेकिन बाद में इनके खातों में मोटी रकम जमा हुई। सूत्रों ने कहा कि अगर कंपनियां अपने फंड का स्रोत नहीं बता पाएंगी, तो यही माना जाएगा कि उन्होंने टैक्स की चोरी की है। ऐसे में उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शुरुआती जांच में इस बात का पता चला है कि जिन कंपनियों का इस्तेमाल पैसे के लेन देन के लिए किया गया है, उनमें से कुछ बंद पड़ी हैं। आयकर विभाग को एक महीने के अंदर इन कंपनियों की जांच पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) को सौंपेगा।
गडकरी ने कर्नाटक भाजपा नेताओं के साथ बैठक रद्द की
नई दिल्ली/एजेंसी/हिमाचल प्रदेश में चुनाव प्रचार से कदम पीछे खिंचने के बाद भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मंगलवार को कर्नाटक के पार्टी नेताओं के साथ नेताओं के साथ अपनी बैठक रद्द कर दी। गडकरी ने पार्टी नेताओं से कहा है कि वे राज्य में पैदा हुए राजनीतिक संकट को सुलझाएं।
गौरतलब है कि कर्नाटक में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा अलग पार्टी बनाने पर तुले हुए हैं। भाजपा की ओर से जारी बयान के अनुसार गडकरी ने कर्नाटक संकट पर प्रदेश के पार्टी नेताओं से विचार-विमर्श करने की जिम्मेदारी राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली और कर्नाटक के पार्टी प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान को सौंपी है।