दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था यानी अमेरिका और भारत के संबंधों में जितनी नजदीकी हाल के दौर में बढ़ी है वैसी पहले कभी नहीं रही। ऐसा पहली बार हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति भारत के गणतंत्र दिवस परेड पर बतौर मुख्य अतिथि शरीक होने आ रहे हैं।
दोनों देशों के रिश्तों की यह नजदीकी म्यामांर में साफ तौर पर देखी जा सकती थी। भारत और अमेरिका के रिश्तों के इतिहास पर नजर डालें तो भारत और अमेरिकी मुखिया के बीच ऐसी बांडिंग कभी नहीं रही जिस तरह की बांडिंग अब दुनिया देख रही है। जानकार बताते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के बीच भी कभी ऐसी केमिस्ट्री नहीं रही और मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ बस दूसरी औपचारिक मुलाकात में वह कर दिखाया जो मनमोहन सिंह कई मुलाकातों के बाद भी नहीं कर पाए।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक म्यांमार में मोदी और ओबामा के बीच जबरदस्त कैमिस्ट्री देखने को मिल रही थी जो कि हर किसी को हैरान कर रही थी क्योंकि यह मोदी और ओबामा के बीच की महज दूसरी औपचारिक मुलाकात थी। ईस्ट एशिया समिट का हिस्सा बनने के लिए म्यांमार दौरे पर गए मोदी के प्रस्ताव का अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा स्वीकार किया जाना हर किसी को हैरान कर गया। मोदी ने अपनी दूसरी मुलाकात में ही बराक ओबामा को गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया, जिसे ओबामा ने आसानी से स्वीकार कर लिया।