हैदराबाद के अलवल इलाके में रहने वाले 60 वर्षीय एक बुजुर्ग की जान उस वक्त दाव पर लग गई जब राजस्व विभाग के अधिकारियों ने उसके मकान पर बुलडोजर चलवा दिया। इस घटना के दौरान बुजुर्ग उसी मकान के एक कमरे में सो रहा था और मकान गिरने की वजह से वह मलबे के अंदर ही दब गया।
रंगा रेड्डी जिले के राजस्व विभाग के अधिकारियों को अनाधिकृत रूप से बने उस मकान को तोड़ने की इतनी जल्दी थी कि उन्होंने इस यह सुनिश्चित करने की जहमत नहीं उठाई उस मकान मे कोई रह तो नहीं रहा।
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अधिकारियों के मुताबिक हादसे के दौरान दुकान पर काम करने वाले टी श्रीनिवास राव कमरे के अंदर सो रहे थे। निर्माण को ध्वस्त करने की वजह से कमरे की छत उनके ऊपर आ गिरी। इस कार्रवाई के दौरान इतना शोर शराबा था कि उसमें उस बुजुर्ग के चीखने की आवाज भी नहीं सुनाई दी।
जवाहरनगर के इंस्पेक्टर वेंकटगिरी के मुताबिक, 'उन्हें गंभीर चोटें आई है जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। फिलहाल वह खतरे से बाहर हैं।'
हादसे के दौरान वहां मौजूद एक राजस्व अधिकारी ने बताया कि श्रीनिवासन मकान गिराने के दौरान मलबे में दब गए थे जिसके बाद वह जोर-जोर से चिल्लाने लगे। बुलडोजर की आवाज की वजह से अधिकारियों तक उनकी आवाज नहीं पहुंची। बुलडोजर की आवाज बंद होने के बाद उनकी आवाज सुनाई दी जिसके बाद उन्हें मलबे से बाहर निकाल लिया गया।
फिलहाल श्रीनिवास की शिकायत पर राजस्व अधिकारियों के खिलाफ पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। श्रीनिवास ने बताया कि राजस्व अधिकारियों ने बिना किसी नोटिस के ही मकान को गिरा दिया।