फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस की बेहतरी चाह रही है भाजपा!

विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस नेता अपने दल के गिरते आधार को रोकने के लिए बेशक कारगर प्रयास न कर रहे हों, लेकिन ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का नारा देने वाली भाजपा अब उसकी बेहतरी की कामना कर रही है।
विज्ञापन


दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी से मिल रही चुनौती ने भगवा खेमे को रणनीति बदलने पर इस कदर मजबूर किया है कि उसे अपने सबसे बड़े सियासी शत्रु की बेहतरी की कामना करनी पड़ रही है।

अरविंद केजरीवाल के असर को बेअसर करने के प्रयास में जुटे भाजपा के चुनाव प्रबंधक अब यह चाह रहे हैं कि देश की राजधानी में कांग्रेस का ग्राफ कुछ ऊपर उठे।

अल्पसंख्यक मतों के बिखराव की संभावनाओं के मद्देनजर भाजपा रणनीतिकारों की उम्मीद बढ़ी है। दिल्ली के चुनावों की अहमियत को देखते हुए खुद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह चुनाव कमान संभाल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मतों में बिखराव से बढ़ी भाजपा की उम्मीद

भाजपा नेता दिल्ली विधानसभा के लिए ‘मिशन 60’ का सपना तो बुन रहे हैं, साथ ही उन्हें इस बात का भी भरोसा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वोट बैंक में बढ़ोत्तरी होगी। इससे केजरीवाल का पत्ता साफ होगा।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का मानना है कि पिछली बार विधानसभा चुनाव में केजरीवाल के साथ गए सिख मतदाता फिर से भाजपा के पास लौट आए हैं। वहीं मुस्लिम मतदाता इस चुनाव में एकमुश्त कांग्रेस के पाले में जाएंगे।

भाजपा रणनीतिकारों का कहना है कि उत्तर प्रदेश की तरह दिल्ली में भी दलित बिरादरी का मत भगवा दल के साथ आ गया है, जो कि पिछले चुनाव में केजरीवाल की लहर में उलझ गया था।

वैसे भावी मुख्यमंत्री के चेहरे के मामले पर भाजपा आलाकमान बैकफुट पर है। दिल्ली में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर भाजपा में गुत्थी अभी उलझी हुई है।

प्रदेश भाजपा की बागडोर इस समय सतीश उपाध्याय के हाथों में है, मगर मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में अभी पार्टी किसी का नाम आगे नहीं कर रही है। बताया जा रहा है कि चुनाव बाद भाजपा स्मृति ईरानी पर भी दांव लगा सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें