इस्लामिक स्टेट (आईएस) के नाम पर इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) फिर से संगठित हो रहा है। पिछले 20 दिन में आईएम और खिलाफत के समर्थन में संदिग्ध गतिविधि कर रहे 20 लड़कों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां इस नतीजे पर पहुंच रही हैं।
एजेंसियों का मानना है कि आईएस से प्रभावित लड़कों में से ही आतंकी वारदात करने वाले जत्थे तैयार करने की कोशिश चल रही है। पिछले दिनों नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के हाथों गिरफ्तार हुए लड़कों के पैटर्न को बारीकी से से भांप रही एक उच्चस्तरीय टीम इसके मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश में है।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत दोभाल इससे जुड़े पहलूओं की पॉलिसी पर काम कर रहे हैं। उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों के मुताबिक आईएस की वेवसाईट के जरिए संगठन की तरफ आकर्षित होने वाले युवाओं को रोकने के लिए काउंसिलिंग स्तर पर काम किया जा रहा है। लेकिन अबतक गिरफ्तार हुए सभी लड़के आईएस के समर्थन के नाम पर देश में आतंकी वारदात करने और इसके लिए नए लड़कों की भर्ती के लिए गंभीर स्तर पर काम कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक यह पैटर्न काफी चिंताजनक और खतरनाक साबित हो सकता है।