आईआईटी में अंडर ग्रेजुएट कोर्स करने वाले छात्रों को आगामी सत्र से लगभग दोगुनी ट्यूशन फीस चुकानी पड़ सकती है। आईआईटी काउंसिल की स्थायी समिति ने अंडर ग्रेजुएट कोर्स के लिए ट्यूशन फीस 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 90 हजार रुपये सालाना करने की सिफारिश की है। हालांकि समिति ने दलित और पिछड़े वर्ग के छात्रों पर फीस बढ़ोतरी का बोझ नहीं डालने के लिए कहा है।
मुंबई में सोमवार को हुई समिति की बैठक में इन सिफारिशों पर मुहर लगाई गई। अब इन संस्थानों की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था आईआईटी काउंसिल 7 जनवरी को बैठक कर इन सिफारिशों पर कोई फैसला करेगी। मालूम हो कि आईआईटी काउंसिल की ओर से गठित काकोदकर कमेटी ने पिछले साल दी अपनी सिफारिशों में कहा था कि ट्यूशन फीस को मौजूदा 50 हजार रुपये सालाना से बढ़ाकर दो से ढाई लाख रुपये किया जाना चाहिए।
सूत्रों ने बताया कि इन सिफारिशों पर अभी विचार चल रहा है, ऐसे में सालाना फीस में 40 हजार रुपये की अंतरिम बढ़ोतरी की जा सकती है। काकोदकर कमेटी ने ट्यूशन फीस में चार गुना बढ़ोतरी करने की सिफारिश करते हुए कहा था कि संस्थानों वित्तीय स्वायत्तता हासिल करने में मदद मिलेगा। काउंसिल ने इन सिफारिशों को 2013 से अमल में लाने की सैद्धांतिक सहमति दे दी थी।