आईआईटी बीटेक सेकेंड ईयर के 19 वर्षीय स्टूडेंट गोपारप्पू सांई कुमार रेड्डी ने बुधवार सुबह ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में टक्कर से मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि आईआईटी प्रशासन मामले में कुछ कहने से कतरा रहा है। एक जांच कमेटी गठित करके 15 दिन के अंदर रिपोर्ट जरूर तलब की है। यह कमेटी स्टूडेंट के प्रदर्शन सहित तमाम पहलुओं की जांच-पड़ताल करेगी।
आंध्र प्रदेश के प्रकाशन जिले के रहने वाले गोपारप्पू सांई कुमार रेड्डी का सेलेक्शन 2012-13 की संयुक्त प्रवेश परीक्षा में हुआ था। इसके बाद ही उन्होंने आईआईटी कानपुर के मैटेरियल साइंस एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया।
हाल नंबर-3 में रहकर पढ़ाई की लेकिन बेहतर रिजल्ट नहीं आ सका। इस कारण वह तनाव में आ गया। चर्चा है कि खराब प्रदर्शन के कारण ही आईआईटी की सीनेट ने मंगलवार को बीटेक स्टूडेंट को चेतावनी दी और एकेडमिक प्रोबेशन पर रख दिया। इससे स्टूडेंट की परेशानी बढ़ गई। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
डीन स्टूडेंट्स अफेयर्स प्रो. एके घोष ने इतना जरूर कहा कि गोपारप्पा सांई कुमार रेड्डी की पढ़ाई-लिखाई एवरेज थी। वह हास्टल से निकलकर आईआईटी के दूसरे गेट (रेलवे क्रासिंग नंबर-15) तक क्यों गया? रेलवे ट्रैक से होकर क्यों आ रहा था? इसकी जांच को लेकर एक कमेटी बना दी गई है। यह कमेटी एकेडमिक परफारमेंस, फ्रेंडस से बातचीत, इंटरनेट, मोबाइल आदि की जांच-पड़ताल करेगी। जो रिपोर्ट सामने आएगी, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
प्रो. घोष ने बताया कि आईआईटी स्टूडेंट की बॉडी रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ी होने की सूचना एसआईएस के जवान पुरुषोत्तम ने दी। इसके बाद प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे। वहां से स्टूडेंट को स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत करार दे दिया।
बाद में मामले की सूचना पुलिस और संबंधित स्टूडेंट के परिजनों को दे दी गई। मृत स्टूडेंट की बाडी मंगलवार की सुबह सात बजे के आसपास रेलवे ट्रैक के किनारे मिली है। बताते चलें कि कानपुर-फर्रुखाबाद रेलवे ट्रैक पर तड़के 4 से सुबह 7:30 बजे के बीच लगभग 13 यात्री ट्रेनें और मालगाड़ियां होकर गुजरती हैं। इसी दौरान मंधना की ओर रेलवे ट्रैक के किनारे स्टूडेंट की बाडी पड़ी मिली है।
जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सीओ कल्याणपुर के मुताबिक पंचायतनामा पंचों की राय होती है। इसी आधार मामले को आत्महत्या मानकर चल रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी टक्कर लगने से मौत की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट का अध्ययन करके मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा।
आईआईटी के मेधावियों की मौत
24 नंबवर 2013- मोहित कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
23 अगस्त 2012- प्रथम वर्ष के स्टूडेंट वी. नेहरू ने एक हास्टल में जहर खाकर जान दी।
22 सितंबर 2011-प्रथम वर्ष के छात्र महताब अहमद ने फांसी लगाई।
17 नवंबर 2010- सिविल इंजीनियरिंग की छात्रा माधुरी साले ने जान दी।
3 जनवरी 2009- एमटेक छात्र गंगापटनम सुमन ने आत्महत्या की।
30 मई 2008-टोया चटर्जी ने फांसी लगाकर जान दी।
12 अप्रैल 2008-प्रशांत कुमार कुरील छात्रावास के कमरे में पंखे से झूला।
25 अप्रैल 2007- जे.भारद्वाज ने ट्रेन से कटकर मौत को गले लगाया।
3 मई 2006- शैलेश कुमार शर्मा ने छात्रावास के कमरे में फांसी लगाई।
30 नवंबर 2005- स्वप्निल चंद्रकांत धराष्कर ने इमारत से कूदकर जान दी।
6 नवंबर 2005-पीएचडी छात्र अभिलाष ने जहर पीकर आत्महत्या की।