उच्च शैक्षणिक संस्थानों में राजनीति को लेकर शुरू हुई बहस के बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठानों को हिंदू तथा देश विरोधी गतिविधियों का अड्डा करार दिया है। संघ के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर में लिखे लेख के अनुसार कुछ आईआईएम द्वारा सरकार के फैसलों का विरोध करने के पीछे राजनीतिक कारण हैं।
लेख में इसके लिए कांग्रेस तथा वामदलों को जिम्मेदार ठहराया गया है। लेख में दावा किया गया है कि यूपीए शासन के दौरान ही पवित्र शहर हरिद्वार में पड़ने वाली आईआईटी रुड़की में मांसाहारी भोजन परोसना शुरू किया गया।
वहीं एनआईटी राउरकेला में छात्रों को सामुदायिक हॉल में पूजा करने से रोका गया। इन घटनाओं से जाहिर होता है कि जनता के पैसों से और सरकार की मदद से चलने वाले ये संस्थान देश और हिंदू विरोधी कार्यों का केंद्र बन गए हैं। कम नैतिकता वाले शिक्षक छात्रों को बरगला रहे हैं।