आईजी (सिविल डिफेंस) अमिताभ ठाकुर ने कहा कि वो अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के साथ 11 और 12 अप्रैल को रामपुर में थे। उनको रामपुर में कर्फ्यू जैसा माहौल दिखा। हर तरफ खौफ का माहौल था, हर व्यक्ति बोलने से डरता है। यह तो गनीमत है कि मैं दो दिन तक रामपुर में रह कर आ गया और कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।
अमिताभ ठाकुर ने अपने फेसबुक एकाउंट पर रामपुर दौरे के बारे में विचार रखे हैं। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि बस्ती के लोगों की मांग पूरी तरह से जायज है। उनके पास वोटर आईडी, नगरपालिका की ओर से जारी किए गए मकान के नंबर हैं। अभी तक सिर्फ रामपुर के बारे में सुना था कि वहां डर का माहौल है।
जाकर देखा तो यह बात सच साबित हुई। रामपुर के एक आला अफसर सत्ताधारी पार्टी के धरने में जाकर बैठ गए। वाल्मीकि बस्ती में हर तरफ पुलिस तैनात है। ऐसे में मजबूरी में ही लोग धरने पर बैठने की सोच सकते हैं। अमिताभ ठाकुर ने जिले के एक पुलिस अधिकारी को चरस वाले बाबा की उपाधि भी दी है।
कहा कि यह गनीमत रहा कि मैंने दो दिनों तक अपनी बात बेबाकी से कही और कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। रामपुर के नये नवाब साहब के एक खबरनवीस तो फेसबुक पर कमेंट्स करने पर ही मुकदमा दर्ज करा देते हैं।