किसी भी महिला को डायन या डाकन कहकर प्रताड़ित करने वालों को अब सलाखों के पीछे जाना होगा। यही नहीं, डायन कहकर दी गई प्रताड़ना से महिला की मौत होने पर इसमें शामिल लोगों को आजीवन कारावास तक हो सकेगा।
इस संबंध में राजस्थान सरकार कानून लेकर आई है, जो विधानसभा में पारित हुआ। डायन प्रथा को रोकने के लिए विधानसभा में लाए गए डायन प्रताड़ना निवारण विधेयक में कई सख्त प्रावधान किए गए हैं। इस कानून के तहत प्रताड़ना के जिम्मेदार लोगों पर लगाए जुर्माने और सरकार की योजनाओं से पीड़ित महिला का पुनर्वास भी किया जाएगा।
राजस्थान के कई स्थानों खासकर जनजातीय क्षेत्रों में महिलाओं को डायन बताकर प्रताड़ित करने की घटनाएं सामने आती रही हैं। विधेयक के प्रावधानों के मुताबिक अगर कोई तांत्रिक, ओझा, भोपा या पंडा डायन का इलाज या किसी महिला पर पड़े डायन के साए को दूर करने का दावा करता है, तो उसे भी जेल जाना होगा।
महिला की मौत पर आरोपियों को आजीवन कारावास
कानून के तहत डायन प्रथा को प्रोत्साहित करने वालों को भी जेल होगी। डायन प्रताडना में अगर पूरा गांव शामिल हुआ, तो सबके खिलाफ सामूहिक तौर पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया है। साथ ही, इस विधेयक में डायन प्रथा से प्रताडित महिला के पुनर्वास और मुआवजे का प्रावधान किया गया है।
डायन प्रताड़ना निवारण विधेयक के मुख्य प्रावधान
- महिला को डायन कहकर प्रताड़ित करने पर 1 साल से 5 साल तक जेल और 50 हजार और इससे अधिक का जुर्माना या फिर दोनों।
- महिला को डायन बताकर उसके साथ दुर्व्यवहार करने, सम्पत्ति से बेदखल करने, मुंह पर कालिख लगाने सहित अन्य रूप से प्रताड़ित करने पर 3 साल से 7 साल तक जेल और 50 हजार से अधिक का जुर्माना या फिर दोनों
- डायन निकालने का दावा करने पर भोपा, तांत्रिक और ओझा के खिलाफ 1 से 3 साल तक के कारावास का प्रावधान और 10 हजार और इससे अधिक का जुर्माना
- डायन निकालने का इलाज करने का दावा करते हुए किसी तरह का अनुष्ठान करने पर 3 से 7 साल तक का कारावास और 50 हजार और उससे ज्यादा का जुर्माना या दोनों से दंडित
- डायन के रूप में प्रताड़ित महिला की मौत होने पर 7 साल से लेकर आजीवन कारावास और 1 लाख और उससे अधिक का जुर्माना या दोनों।
- सरकार डायन प्रताड़ना में लिप्त समूह पर सामूहिक जुर्माना लगा सकेगी, पूरा गांव या कॉलोनी शामिल हुई तो सबके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा।
- पीड़ित महिला के पुनर्वास का है प्रावधान