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मोदी PM बने तो जसोदाबेन पर आएंगी ये मुसीबतें!

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नरेंद्र मोदी अगर देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो अब तक अलग और सादगी भरा जीवन बिता रही उनकी पत्नी जसोदा बेन और मां हीराबेन को एसपीजी सुरक्षा घेरे के तामझाम का सामना करना पड़ेगा।
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स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) कानून के मुताबिक पद की शपथ लेते ही एसपीजी प्रधानमंत्री, उनकी पत्नी, बच्चे और माता-पिता को सुरक्षा घेरे में लेती है।

अगर जसोदा बेन और हीरा बेन सुरक्षा घेरे की मुसीबत नहीं मोल लेना चाहें तो यह उनके लिए आसान नहीं होगा। अगर सुरक्षा विभाग ने खतरे का आकलन कर लिया तो कोई भी सदस्य सुरक्षा घेरे से इनकार नहीं कर सकता।

फ‌िलहाल सादा जीवन जी रही हैं दोनों

चालीस साल से अलग रह रहे मोदी ने नामांकन पत्र में जसोदा बेन का नाम पत्नी के तौर पर दर्ज किया है। इसका फैसला सरकार करेगी कि प्रधानमंत्री के नजदीकी परिवार को एसपीजी सुरक्षा कवच में रखा जाए या नहीं।

अगर सरकार को लगे कि जसोदा बेन और हीरा बेन को एसपीजी की जरूरत नहीं तो सुरक्षा सचिव एसपीजी से सुरक्षा हटाने के लिए कह सकते हैं।

लेकिन प्रधानमंत्री पद पर काबिज होने के बाद मोदी की सरकार के लिए अलग रह रहीं उनकी पत्नी और मां की सुरक्षा हटाने बाबत फैसला लेना कड़े इम्तहान की तरह होगा।

अगर पर‌िवार चाहे तो हट सकती है सुरक्षा

एसपीजी के निदेशक दुर्गा प्रसाद कोडे ने अमर उजाला के से इस तकनीकी सवाल के जवाब में कहा कि एसपीजी अलग संस्था है, जिसका मैंडेट कानून के मुताबिक सुरक्षा देना है।

अगर सरकार का सुरक्षा तंत्र फैसला करे कि पीएम के नजदीकी परिवार वाले को सुरक्षा नहीं चाहिए तो हम सुरक्षा हटा सकते हैं।

अधिकारी के मुताबिक सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका और राबर्ट वाड्रा को एसपीजी सुरक्षा इसलिए दी जा रही है क्योंकि वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नजदीकी रिश्तेदार हैं। साथ ही उनके ऊपर खतरा लगातार बना हुआ है।

सुरक्षा को इनकार करना आसान नहीं

सुरक्षा विभाग के उच्च अधिकारी के मुताबिक सरकार के लिए यह फैसला करना आसान नहीं होता। आतंकवाद और दूसरे अंतरराष्ट्रीय हालात के मद्देनजर प्रधानमंत्री और उनके नजदीकी परिवार के प्रति कोई जोखिम नहीं उठाया जा सकता।

पीएम के परिवार के सदस्यों की सिर्फ हत्या ही नहीं बल्कि उनका अपहरण कर सरकार से सौदेबाजी का भी बड़ा खतरा रहता है। सुरक्षा विभाग लगातार इनके ऊपर खतरे की गंभीर समीक्षा करता रहता है।
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10 साल तक बिना रुकावट सुरक्षा

एसपीजी एक्ट के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री और उनके नजदीकी परिवार वालों को दस साल तक तो बिनी किसी रुकावट के सुरक्षा दी जाती है। दस साल बाद खतरे के आंकलन के आधार पर उन्हें घेरे में रखा जाता है।
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