पत्नी को तलाक देने के बाद गुजारा भत्ता नहीं देने वाले पति को जेल की हवा खानी पड़ सकती है। बंबई हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अहम फैसला सुनाया।
कोर्ट ने कहा कि अपनी पत्नी को गुजारा भत्ता नहीं देने वाले व्यक्ति के खिलाफ घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा के कानून के तहत गैर जमानती वारंट जारी हो सकता है।
हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया। इस व्यक्ति ने अपने खिलाफ एक निचली अदालत द्वारा जारी गैर जमानती वारंट को चुनौती देने के लिये याचिका दायर की थी।
निचली अदालत ने पति से कहा था कि वह पत्नी को 56,000 रुपये का भुगतान करे। लेकिन इसके बावजूद पति ने कोई भुगतान नहीं किया। निचली अदालत ने पत्नी को गुजारा भत्ता नहीं देने पर उसके खिलाफ वारंट जारी किया था।
हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में ऐसा लगता है कि वारंट जारी करने वाले मजिस्ट्रेट ने गुजारा भत्ता नहीं देने वाले पति के खिलाफ विशेष प्रक्रिया का पालन किया।
कोर्ट ने कहा कि यह प्रक्रिया एवं इस तरह का आदेश घरेलू हिंसा कानून की धारा 28(2) के तहत है, इसलिये इसे गलत नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि यह अवैध नहीं लगता है। फैसले में कहा गया कि गैर जमानती वारंट बरकरार रहेगा। पति के द्वारा दाखिल याचिका खारिज की जाती है।
न्यायालय ने आदेश दिया कि जबतक पति बकाया रकम अदा नहीं करता और गुजारा भत्ता देना शुरू नहीं करता, उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट का पालन किया जाए।