कांग्रेस और गांधी परिवार पर सुब्रमण्यम स्वामी के सीधे हमलों से हिली कांग्रेस ने भावनात्मक आक्रामकता को फिलहाल बचाव का हथियार बनाया है। इसीलिए नेशनल हेराल्ड अखबार को कर्ज देने को लेकर उसके खिलाफ चुनाव आयोग गए स्वामी के कदमों का माकूल जवाब देने का ऐलान करते हुए कांग्रेस ने कहा कि उसकी राजनीतिक गतिविधी तय करना किसी दूसरी पार्टी का नहीं बल्कि उसका अधिकार है। साथ ही कर्ज देने के अपने फैसले को जायज ठहराते हुए कांग्रेस ने कहा कि करीब 700 पत्रकार-गैर पत्रकार परिवारों को बर्बाद होने से बचाने के लिए यह कर्ज दिया गया।
सुब्रमण्यम स्वामी के इस मामले में चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल की गई अर्जी पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए पार्टी महासचिव जर्नादन द्विवेदी ने कहा कि यह ब्याज मुक्त कर्ज दिया गया था। इससे कांग्रेस पार्टी ने कोई व्यावसायिक लाभ (ब्याज) नहीं लिया तो इसमें किसी कानून के उल्लंघन की बात ही कहां आती है।
एसोसिएटेड जर्नल्स प्रा.लि. को कर्ज देने के पार्टी के फैसले को न्यायसंगत ठहराने के लिए द्विवेदी ने अखबार की बदहाली की तस्वीर पेश की। उनका कहना था कि खराब वित्तीय स्थिति की वजह से पत्रकार-गैर पत्रकार कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा था। कांग्रेस कर्ज नहीं देती तो दिल्ली और लखनऊ में इसकी रोजी-रोटी पर टिके करीब 700 परिवार बर्बाद हो जाते।
द्विवेदी ने कहा कि देश में किसी अखबार या संगठन के इतने परिवारों को हित में ऐसा कदम उठाने का कोई दूसरा उदाहरण नहीं होगा। कर्ज की इस रकम से न केवल बकाए वेतन और भविष्य निधि दी गई बल्कि सभी कर्मचारियों को वीआरएस के तहत संतोषजनक राशि दी गई।
द्विवेदी ने कहा कि स्वामी या भाजपा यह तय नहीं कर सकते कि कांग्रेस के लिए कौन सा काम राजनीतिक है और कौन सा गैर राजनीतिक। नेशनल हेराल्ड को नेहरू ने शुरू किया था और और वे पूरे राष्ट्र के हैं। इसलिए कांग्रेस का न केवल वैचारिक और भावनात्मक जुड़ाव है बल्कि देश की आजादी की लड़ाई के लिए स्थापित किए गए उनके अखबार को बचाना भी उसके लिए गौरव की बात है।
द्विवेदी ने स्वामी और भाजपा पर वार करते हुए कहा कि इनकी राजनीति गुमराह करते हुए भ्रम और अशांति फैलाने के लिए है। जबकि कांग्रस की राजनीति गांधी और नेहरु के दर्शन से प्रेरित होती है।
90 करोड़ कर्ज मामले की हो निष्पक्ष जांच: भाजपा
नेशनल हेराल्ड को प्रकाशित करने वाली कंपनी को कांग्रेस द्वारा दिए 90 करोड़ रुपये के कर्ज के विवाद में भाजपा भी कूद पड़ी है। उसने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। भाजपा के अनुसार कांग्रेस ने यह कर्ज देकर गैरकानूनी कार्य का समर्थन किया है क्योंकि किसी भी राजनीतिक दल का व्यापार के लिए कर्ज देना आयकर तथा चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ है।
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन के कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी और नेहरू का नाम ले रही है, जिन्होंने कभी गैर कानूनी कार्यों का समर्थन नहीं किया। कांग्रेस को इन राष्ट्र नेताओं के नाम लेकर भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करना चाहिए।