सचिन तेंदुलकर की खराब फॉर्म को लेकर हाल में उनके आगे के करियर पर सवाल उठाने वाले पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने यू टर्न लेते हुए कहा है कि सचिन मेहनती बल्लेबाज हैं और लगातार सीखते हैं। कुछ महीने पहले सचिन के प्रदर्शन पर उनकी उम्र हावी होने का दावा कर चुके गावस्कर ने कहा, 'सचिन मेहनतकश और लगातार सीखने वाले लोगों में शामिल हैं। मुझे लगता है कि वह जिस तरह से आउट होते जा रहे थे। उस पर सोचने के लिए उन्हें पर्याप्त समय मिल गया और उन्होंने सुधार किया।'
रणजी ट्रॉफी मैच में शुक्रवार को सचिन की शतकीय पारी पर गावस्कर ने कहा, 'सचिन अगर अब रन बना रहे हैं तो निश्चित रूप से उन्होंने कड़ी मेहनत की होगी। इसका सही सही प्रमाण तो टेस्ट मैचों में मिलेगा लेकिन उनके बल्ले से रन निकलता देखकर बहुत ही अच्छा लग रहा है।'
सचिन के पुराने प्रदर्शन के बारे में गावस्कर ने कहा कि वह सत्र की शुरुआत थी। कभी-कभी थकान से ऐसा हो जाता है। भारत तब लगातार क्रिकेट खेल रहा था। हो सकता है कि सचिन भी थकान के शिकार हों लेकिन सचिन ही ऐसे हैं जो अपने प्रदर्शन पर ध्यान दें और उसमें सुधार करें। यह कोई बड़ी बात नहीं है।
कप्तान के स्वाभाविक दावेदार हैं धोनी
गावस्कर ने हाल की सीरीजों में टीम इंडिया के औसत प्रदर्शन के बाद महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी पर उठ रहे सवालों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि धोनी इस जिम्मेदारी के लिए स्वाभाविक दावेदार हैं। उन्होंने कहा, ‘अभी की हालत में धोनी सबसे अच्छे कप्तान हैं।
वह स्वाभाविक विकल्प हैं और इस कारण वह लगातार इस भूमिका में बने हुए हैं। मेरे हिसाब से फिलहाल दूसरे नामों पर विचार करने की जरूरत नहीं है। घरेलू मैदानों पर धोनी का प्रदर्शन मेरे हिसाब से कोई चिंता का विषय नहीं होना चाहिए। उम्मीद करनी चाहिए कि वह इस सत्र में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’